Ramadan 2026 : रमज़ान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना है, जिसमें रोज़ेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजन, पानी और अनिवार्य सुख-सुविधाओं से परहेज़ करते हैं। यह व्रत आत्मा की शुद्धि और आत्मअनुशासन का प्रतीक है, लेकिन लंबी अवधि के उपवास के दौरान शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोज़ा को आसान और स्वस्थ बनाने की योजना पहले से तैयार करने से उपवास का अनुभव सकारात्मक और फलदायी बन सकता है।
सबसे पहले सेहरी (सुबह का भोजन) को कभी न छोड़ें। यह उपवास के दौरान शरीर को आवश्यक ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उच्च-फाइबर, प्रोटीन और पानी युक्त भोजन जैसे दलिया, दही, फल और प्रोटीन स्रोत संतुलित ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होते हैं।

इफ्तार के समय भी बड़ी मात्रा में भोजन करने से बचें। सीधा भारी भोजन खाने से पाचन पर दबाव पड़ सकता है और अगली सुबह की भूख और थकान बढ़ सकती है। इसके बजाय इफ्तार की शुरुआत पानी और खजूर के साथ करें, फिर धीरे-धीरे पौष्टिक भोजन लें जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें।
दिन के दौरान खुद को मानसिक रूप से व्यस्त रखना भी रोज़ा को आसान बनाने में मदद करता है। पढ़ाई, हल्का व्यायाम, ताजगी बढ़ाने वाले छोटे कार्य और आध्यात्मिक गतिविधियाँ जैसे कुरान का पाठ या दुआ ध्यान भटकाव कम करती हैं और समय के गुजरने का अनुभव आसान बनाती हैं।
पानी की मात्रा पर विशेष ध्यान दें। सेहरी और इफ्तार के बीच पर्याप्त मात्रा में पानी या हाइड्रेटिंग तरल पदार्थ लेना शरीर में निर्जलीकरण से बचने में मदद करता है, जिससे थकान और सिरदर्द जैसे लक्षण कम होते हैं। कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखें क्योंकि वे शरीर से पानी को बाहर निकाल सकते हैं।
कुछ लोगों के लिए, स्वास्थ्य स्थितियों जैसे मधुमेह, हृदय रोग या किडनी से जुड़ी समस्याएँ होती हैं। ऐसे मामलों में रमज़ान से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक होता है ताकि व्रत स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित रहे।
इस तरह की नियोजित तैयारी और संतुलित जीवनशैली अपनाने से रोज़ा न केवल आसान बनता है बल्कि यह स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास दोनों के लिए एक सकारात्मक अनुभव बन सकता है।











