न्यूयॉर्क में आयोजित प्रतिष्ठित TIME100 Summit 2026 में भारतीय उद्योगपति और समाजसेवी Nita Ambani का पारंपरिक लुक वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय बन गया। इस मौके पर उन्होंने स्वदेश जामदानी साड़ी पहनी, जिसे पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित बुनकर Biren Kumar Basak ने तैयार किया है।
यह साड़ी पारंपरिक जामदानी शिल्प का आधुनिक और कलात्मक रूप प्रस्तुत करती है। आमतौर पर साड़ी के पल्लू को मुख्य आकर्षण माना जाता है, लेकिन इस डिजाइन में पूरे कपड़े पर बारीक और कथात्मक मोटिफ्स उकेरे गए हैं। साड़ी में घुड़सवार, पशु-पक्षी, पेड़ और मानव आकृतियां किनारों से लेकर बॉडी तक फैली हुई हैं, जो इसे एक चलते-फिरते कला-पट की तरह बनाती हैं।

रंग और डिजाइन की खासियत
साड़ी का बेस कलर हल्का बेज रखा गया है, जिससे उस पर बने गुलाबी, हरे और हल्के नीले रंग के मोटिफ्स साफ और संतुलित दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का रंग संयोजन जामदानी की पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए उसे आधुनिक सौंदर्य देता है। किनारों पर छोटे-छोटे पैटर्न की रिपीटिंग स्ट्रिप्स एक फ्रेम तैयार करती हैं, जो डिजाइन को और स्पष्ट बनाती हैं।
पल्लू में डिजाइन अपेक्षाकृत अधिक सघन और रेखीय है, जो साड़ी के बाकी हिस्से में फैले मोटिफ्स के साथ एक संतुलित कंट्रास्ट बनाता है। बारीक बुनाई और डिटेलिंग इस साड़ी की सबसे बड़ी विशेषता है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग पहचान दिलाती है।

ज्वेलरी और लुक
नीता अंबानी ने इस साड़ी के साथ मोतियों की लंबी माला, एमराल्ड स्टड्स, डायमंड रिंग और ब्रेसलेट्स पहने, जो साड़ी के रंगों से मेल खाते थे। उनका मेकअप सादा और संतुलित रहा। खुले बाल, हल्की स्मोकी आईज, न्यूड लिप और हरे रंग की बिंदी ने उनके लुक को पूरा किया।

भारतीय हस्तशिल्प को मिला वैश्विक मंच
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। जामदानी बुनाई, जो मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में प्रचलित है, यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में भी शामिल है।
नीता अंबानी का यह लुक न केवल फैशन स्टेटमेंट बना, बल्कि भारतीय कारीगरों और पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।






