मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में जनहित और विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में विस्थापित परिवारों को राहत, किसानों को सिंचाई सुविधा और विभिन्न विभागों की योजनाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस रहा। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये निर्णय सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि उत्पादन और सामाजिक कल्याण को मजबूत करेंगे।
सरदार सरोवर विस्थापितों के लिए मुफ्त रजिस्ट्री का फैसला
कैबिनेट ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए आवासीय भूखंडों के पंजीयन को पूरी तरह नि:शुल्क करने का निर्णय लिया है। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत देय पंजीयन शुल्क और स्टॉम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।
इस फैसले से 25,600 से अधिक परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा। हालांकि, राज्य सरकार पर करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। सरकार का कहना है कि इससे विस्थापितों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज होगी और उन्हें स्थायी आवासीय सुरक्षा मिलेगी।
मैहर-कटनी की सिंचाई परियोजनाओं को 620 करोड़ की मंजूरी
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मैहर और कटनी जिलों की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से 20 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी और 14 हजार से ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक इससे फसल उत्पादन बढ़ेगा, लागत कम होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की आय में वृद्धि होगी।
6 विभागों की 10 योजनाओं के लिए 15 हजार करोड़ से अधिक स्वीकृति
राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद ने 6 विभागों की 10 प्रमुख योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। इन योजनाओं का संबंध सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों से है।
सरकार का दावा है कि इससे लाखों लाभार्थियों को निरंतर सहायता मिलती रहेगी और योजनाओं में रुकावट नहीं आएगी।
राज्य समाज कल्याण बोर्ड भंग, कर्मचारियों का संविलयन
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने का निर्णय लिया है। बोर्ड के कर्मचारियों का संविलयन महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा। इससे विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।
मंत्री का बयान
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनहित को प्राथमिकता देते हुए फैसले ले रही है। इन निर्णयों से गरीब, किसान और कमजोर वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।











