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मध्य-पूर्व संकट 2026 : होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा

By: UTN Hindi ।। Digital Team

On: Tuesday, March 3, 2026 12:28 PM

मध्य-पूर्व संकट 2026 : होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा
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भारत समेत दुनिया भर के तेल-आधारित ऊर्जा बाजार इस समय एक गंभीर जोखिम का सामना कर रहे हैं क्योंकि ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़े तनाव के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री-परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस कारीडोर के बंद होने के कारण तेल टैंकर की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और कई जहाज खाड़ी से बाहर खड़े हैं, जिससे वैश्विक कच्चे तेल और गैस की सप्लाई में भारी व्यवधान देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के बुनियादी महत्व के कारण दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल, बड़ी संख्या में एलपीजी (LPG) और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) इसी मार्ग से गुजरती है। यदि यह व्यवधान लंबी अवधि तक बना रहता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति-मांग संतुलन बिगड़ सकता है।

भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा का जोखिम

मध्य-पूर्व संकट 2026 : होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 88 फीसदी कच्चा तेल और गैस आयात करता है, जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों और होर्मुज मार्ग से आता है। इसी वजह से इस मार्ग में व्यवधान भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर दबाव डाल रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह संकट जारी रहा तो भारत को दो चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है:

  • कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा, जिससे पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ सकते हैं।
  • आयात खर्च में तेजी, जिससे व्यापार घाटा और मुद्रास्फीति को बढ़ावा मिल सकता है।

सरकार ने स्थिति की समीक्षा कर रहे अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं और आश्वासन दिया है कि आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन यह स्पष्ट है कि दीर्घकालीन व्यवधान भारतीय ईंधन बाजार पर दबाव पैदा कर सकता है।

आर्थिक बाजारों और घरेलू कीमतों पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है और इस उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार और घरेलू ईंधन के रिटेल दामों पर भी संभावित रूप से पड़ सकता है।

कई उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि अगर सप्लाई बाधायें बढ़ती हैं तो पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमतें बढ़ सकती हैं और इससे घरेलू महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।

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