Shark Tank India सीजन 5 में एक ऐसा एपिसोड सामने आया है जिसने दर्शकों और सोशल मीडिया यूज़र्स का ध्यान खींच लिया है। इस एपिसोड में Lewisia Wellness के फाउंडर मनोज दास ने अपने बिजनेस आइडिया की पिच दी, लेकिन पिच के दौरान निवेशक Anupam Mittal ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा –“अगर पकड़े गए तो जेल जाओगे।”
क्यों उठे कानूनी सवाल ?
मनोज दास ने अपनी पिच में खुद को “डॉक्टर” बताया और नैचुरल वेलनेस व ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बारे में बड़े दावे किए। लेकिन जब शार्क्स ने उन दावों की सख़्ती से जांच की, तो कई बातें संदिग्ध साबित हुईं:
प्रोफ़ेशनल मेडिकल डिग्री का प्रमाण न होना
- “केमिकल-फ्री” प्रोडक्ट्स में असल में केमिकल्स पाए जाना
- वायरल वीडियो कंटेंट और aesthetic दावों का एथिकल सवाल
इन सबके कारण Anupam Mittal और अन्य शार्क्स ने आरोप लगाया कि यह पिच उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है, और ऐसे दावे गलत हैं।
Anupam Mittal का सख़्त अंदाज़
Anupam Mittal ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर इस तरह के दावों के पीछे कोई ठोस प्रमाण और जिम्मेदारी नहीं है, तो कंपनी और उसके फाउंडर को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा
“अगर पकड़े गए, तो जेल जाओगे।”
निवेशकों ने यह भी कहा कि ऐसे दावे न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं, बल्कि ब्रांड की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
Deal का न मिलना तय
इन सभी मुद्दों के बाद Lewisia Wellness को निवेश मिलने से इंकार कर दिया गया। शार्क्स ने न सिर्फ डील को रिजेक्ट किया, बल्कि पिचर को ईमानदारी और सत्यापन के महत्व के बारे में भी कड़ी सीख दी।
सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
इस चेतावनी वाले एपिसोड के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दीं:
- कुछ लोग शार्क टैंक की सख़्ती की सराहना कर रहे हैं, कहते हुए कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता ज़रूरी है।
- अन्य लोग कह रहे हैं कि यह एंटरटेनमेंट के साथ व्यापारिक नैतिकता पर भी एक बड़ा सबक है।










