मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इस घटना को प्रोजेक्ट चीता के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी शावक और उनकी मां स्वस्थ हैं। जन्म के बाद पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि शावकों की सुरक्षा और देखभाल ठीक तरह से हो सके।
भारत में चीतों की संख्या 53 पहुंची
इन पांच नए शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है। यह संख्या प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत के बाद पहली बार 50 के पार पहुंची है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि भारत में चीतों का सफल प्रजनन संरक्षण प्रयासों की सकारात्मक दिशा को दिखाता है।
तीसरी बार मां बनी ज्वाला
ज्वाला को 2022 में नामीबिया से भारत लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में यह उसका तीसरा सफल प्रसव माना जा रहा है। इससे पहले भी उसने शावकों को जन्म दिया था।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सफल प्रजनन से यह साफ है कि कूनो का वातावरण चीतों के लिए अनुकूल बनता जा रहा है।

हाल ही में गामिनी ने भी दिए थे शावक
कुछ समय पहले दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने भी चार शावकों को जन्म दिया था। लगातार हो रहे इन जन्मों से कूनो नेशनल पार्क में चीतों की आबादी तेजी से बढ़ रही है।
वन विभाग का मानना है कि आने वाले समय में कूनो भारत में चीता संरक्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
क्या है प्रोजेक्ट चीता
भारत में एशियाई चीता लगभग 70 साल पहले विलुप्त हो गया था। इसके बाद सरकार ने प्रोजेक्ट चीता शुरू किया और अफ्रीकी देशों से चीतों को लाकर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया।
इस परियोजना का उद्देश्य भारत में फिर से चीतों की स्थायी आबादी विकसित करना और घास के मैदान वाले पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।











