03 मार्च 2026 को किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कृषि कैबिनेट बैठक में ₹27,746 करोड़ के आर्थिक पैकेज को मंजूरी दी गई। यह फैसला प्रदेश के लाखों किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इस पैकेज का उद्देश्य कृषि को व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाना है। इसके तहत नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को आधुनिक उपकरण, उन्नत बीज और डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने की योजना है। इससे उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी।
कैबिनेट ने मूल्य अंतर भुगतान जैसी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी है। इस व्यवस्था में अगर बाजार मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहता है तो सरकार अंतर की राशि किसानों को देगी। इससे किसानों को फसल का उचित दाम मिल सकेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय में स्थिरता आएगी।
सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में फसल प्रसंस्करण, भंडारण और निर्यात को लेकर नई नीतियां लाई जा सकती हैं। इससे कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर यह आर्थिक पैकेज किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि योजनाओं का जमीन पर क्रियान्वयन कितनी तेजी और पारदर्शिता से होता है।











