मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। विस्थापन के डर से आदिवासी समुदाय, खासकर महिलाएं, पिछले 12 दिनों से “चिता आंदोलन” के जरिए अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। लेकिन शायद, यह आवाज़ उन कानों तक नहीं पहुँच रही जिन कानों तक पहुंचनी चाहिए !
क्या है पूरा मामला?
केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत कई गांवों के डूब क्षेत्र में आने की आशंका है। स्थानीय आदिवासी परिवारों का कहना है कि उन्हें अब तक स्पष्ट और संतोषजनक पुनर्वास योजना नहीं बताई गई है।
प्रदर्शनकारी महिलाएं प्रतीकात्मक अर्थी बनाकर धरना दे रही हैं, जिसे “चिता आंदोलन” नाम दिया गया है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे जल समाधि लेने या फांसी लगाकर विरोध करने को मजबूर होंगी।
केन-बेतवा परियोजना
यह देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिसमें केन नदी का अतिरिक्त पानी 221 किमी लंबी नहर के जरिए बेतवा नदी में भेजा जाएगा।
- कुल लागत: ₹44,605 करोड़
- सिंचाई: 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि
- बिजली उत्पादन: 103 मेगावाट
- लाभार्थी: लगभग 65 लाख लोग
सरकार इसे बुंदेलखंड के विकास की “भाग्यरेखा” मान रही है।
विरोध क्यों हो रहा है?
इस परियोजना से लगभग 24 गांव प्रभावित होंगे, जिनमें से 10 गांव पूरी तरह डूब क्षेत्र में आ जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि
- ₹12.5 लाख मुआवजा पर्याप्त नहीं
- उनकी संस्कृति और परंपराएं खत्म हो जाएंगी
- जंगल और नदी आधारित जीवन पूरी तरह प्रभावित होगा
उनकी मांग है कि मुआवजा बढ़ाकर ₹25 लाख किया जाए।
पर्यावरण पर खतरा
पर्यावरणविदों के अनुसार
- 23 लाख पेड़ों की कटाई
- 10,500 हेक्टेयर जंगल डूब क्षेत्र में
- पन्ना टाइगर रिजर्व का बड़ा हिस्सा प्रभावित
यह वन्यजीवों और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन का दावा है कि परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई और जल आपूर्ति की बड़ी समस्या का समाधान होगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे उनका भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
FAQ बड़ा सवाल ?
Q1. केन-बेतवा लिंक परियोजना क्या है?
यह एक अंतर-नदी जोड़ परियोजना है, जिसका उद्देश्य पानी की कमी वाले क्षेत्रों में जल पहुंचाना है।
Q2. आदिवासी समुदाय क्यों विरोध कर रहा है?
वे अपने विस्थापन और पुनर्वास को लेकर असंतुष्ट हैं।
Q3. चिता आंदोलन क्या है?
यह एक प्रतीकात्मक विरोध है, जिसमें प्रदर्शनकारी अर्थी बनाकर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हैं।










