इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। इलाके में बीते कुछ दिनों से गंदे पानी की सप्लाई के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए हैं। अब तक 40 से अधिक मरीजों को शहर के 7–8 अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई दिनों से नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था, जिसकी शिकायतें की गईं, लेकिन समय रहते समाधान नहीं हुआ। इसका नतीजा यह हुआ कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
सबसे साफ़ शहर इंदौर में गंदा पानी पीने से 60 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं और 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
यह कैसी सरकार है, जहाँ निर्दोष लोग भाजपा के भ्रष्टाचार और लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुका रहे हैं। पहले कफ सिरप से और अब पीने के पानी से लोगों की मौत हो रही… pic.twitter.com/pXPBdTSXUg
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) December 30, 2025
इंदौर, देश का सबसे स्वच्छ शहर होने के बावजूद इंदौर के कुछ इलाकों में दूषित पानी की समस्या सामने आई है। विधानसभा क्रमांक एक के कई रहवासी पिछले तीन दिनों से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे हैं।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भागीरथपुरा क्षेत्र में कैंप लगाकर लोगों की जांच की। पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए मुफ्त इलाज के निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सभी पीड़ितों का सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन से कहा है कि किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो।










