खूबसूरत और साफ त्वचा हर किसी की चाहत होती है, लेकिन भारत में बड़ी संख्या में लोग मुंहासों और दाग-धब्बों से परेशान हैं। हाल ही में सामने आई Dermafique Indian Skin Health Report के मुताबिक, करीब 68% भारतीय महिलाएं मुंहासों को अपनी सबसे बड़ी स्किन समस्या मानती हैं, जबकि 20–25 साल की उम्र की 94% महिलाएं नियमित रूप से एक्ने से जूझ रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह भारतीय त्वचा की प्राकृतिक बनावट है, जो अन्य देशों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती है।
भारतीय त्वचा में एक्ने और पिग्मेंटेशन ज्यादा क्यों होता है?
डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि भारतीय त्वचा में तीन प्रमुख विशेषताएं होती हैं
- पोर्स का आकार बड़ा होना
- सीबम (तेल) का ज्यादा बनना
- मेलानिन की मात्रा अधिक होना
यही कारण है कि जब भी मुंहासे ठीक होते हैं, तो वे अक्सर काले दाग (Post Acne Pigmentation) छोड़ जाते हैं। सूजन के दौरान त्वचा जरूरत से ज्यादा मेलानिन बना लेती है, जिससे निशान गहरे हो जाते हैं।
Acne – Pigmentation Cycle क्या है?
जब त्वचा पर पिंपल होता है
- सूजन बढ़ती है
- त्वचा खुद को ठीक करने की कोशिश करती है
- मेलानिन अधिक बनने लगता है
- पिंपल ठीक होने के बाद काले धब्बे रह जाते हैं
यही प्रक्रिया Acne–Pigmentation Cycle कहलाती है, जो भारतीय त्वचा में तेजी से सक्रिय होती है।
भारतीय त्वचा के लिए असरदार इंग्रीडिएंट्स
विशेषज्ञों के अनुसार, सही एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का चुनाव करने से एक्ने और पिग्मेंटेशन दोनों पर कंट्रोल पाया जा सकता है।
Glycolic Acid
- डेड स्किन हटाता है
- पोर्स साफ करता है
- ऑयल कंट्रोल करता है
Niacinamide
- सूजन कम करता है
- डार्क स्पॉट हल्के करता है
- स्किन बैरियर मजबूत बनाता है
Zinc PCA
- एक्स्ट्रा ऑयल को नियंत्रित करता है
- बैक्टीरिया ग्रोथ रोकता है
Azelaic Acid
- एक्ने बैक्टीरिया को खत्म करता है
- पिग्मेंटेशन कम करता है
- सेंसिटिव स्किन के लिए सुरक्षित
एक्सपर्ट्स की सलाह
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि
- रोजाना माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें
- सनस्क्रीन कभी न छोड़ें
- हार्श स्क्रब से बचें
- एक साथ कई एक्टिव प्रोडक्ट न लगाएं
- धैर्य रखें, स्किन को ठीक होने में समय लगता है











