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भारत में टॉप 10% के पास 65% दौलत, ऐसे कैसे पूरा होगा विकसित देश बनने का सपना?

By: नौशाबा अंजुम

On: Saturday, February 28, 2026 10:00 AM

Income inequality in India
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भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था माना जा रहा है। सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, भारत 2025-26 में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। लेकिन हाल ही में सामने आए आंकड़े देश के भीतर आय और संपत्ति के असमान वितरण की गंभीर तस्वीर दिखाते हैं।

नई आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल आय का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा केवल टॉप 10 प्रतिशत लोगों के पास है। वहीं, देश की कुल संपत्ति का लगभग 65 प्रतिशत भी इसी वर्ग के नियंत्रण में है। इसका मतलब है कि देश की बड़ी आर्थिक ताकत एक छोटे वर्ग तक सीमित है।

मध्यम वर्ग की स्थिति स्थिर, लेकिन चुनौती बरकरार

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मध्य 40 प्रतिशत लोगों के पास कुल आय का 25 प्रतिशत हिस्सा है और वे कुल संपत्ति का लगभग 30 प्रतिशत नियंत्रित करते हैं। यह वर्ग भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख उपभोक्ता आधार माना जाता है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ग की आय वृद्धि उतनी तेज़ नहीं है जितनी महंगाई और जीवनयापन की लागत बढ़ रही है। इससे मध्यम वर्ग की बचत और निवेश क्षमता पर असर पड़ रहा है।

देश की आधी आबादी के पास केवल 6% संपत्ति

सबसे चिंता की बात यह है कि भारत की निचली 50 प्रतिशत आबादी कुल आय का केवल 15 प्रतिशत ही कमाती है। वहीं, उनके पास देश की कुल संपत्ति का सिर्फ 6 प्रतिशत हिस्सा है।

इसका सीधा मतलब है कि देश की आधी आबादी के पास आर्थिक संसाधन बेहद सीमित हैं। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

GDP में तेजी, लेकिन प्रति व्यक्ति आय अभी भी पीछे

भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय (GDP per capita) के मामले में भारत अभी भी दुनिया के टॉप 50 देशों में शामिल नहीं है।

GDP per capita किसी देश के आम नागरिक की औसत आय और जीवन स्तर को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक आय का वितरण संतुलित नहीं होगा, तब तक आम नागरिक को आर्थिक विकास का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।

विकसित देश बनने के लिए क्या जरूरी है

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केवल GDP का बढ़ना पर्याप्त नहीं है। देश को विकसित बनने के लिए जरूरी है कि विकास का लाभ सभी वर्गों तक पहुंचे।

इसके लिए रोजगार सृजन, शिक्षा में निवेश, छोटे व्यवसायों को समर्थन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।

भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन असली चुनौती यह है कि इस विकास का लाभ देश की हर वर्ग तक पहुंचे। आने वाले वर्षों में सरकार की नीतियां और आर्थिक सुधार इस दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।

FAQ Section 

Q1. भारत में आय असमानता क्या है?

भारत में आय असमानता का मतलब है कि देश की कुल आय और संपत्ति का बड़ा हिस्सा केवल अमीर वर्ग के पास है, जबकि आधी आबादी के पास बहुत कम संसाधन हैं।

Q2. भारत के टॉप 10% लोगों के पास कितनी संपत्ति है?

भारत के टॉप 10 प्रतिशत लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा है। यह आर्थिक असमानता का स्पष्ट संकेत है।

Q3. भारत की निचली 50% आबादी की आर्थिक स्थिति कैसी है?

निचली 50 प्रतिशत आबादी कुल संपत्ति का केवल 6 प्रतिशत नियंत्रित करती है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती है।

Q4. GDP per capita क्या होता है?

GDP per capita किसी देश में प्रति व्यक्ति औसत आय को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि आम नागरिक की आर्थिक स्थिति कैसी है।

Q5. क्या भारत विकसित देश बन सकता है?

भारत विकसित देश बन सकता है, लेकिन इसके लिए आय और संपत्ति का संतुलित वितरण, रोजगार वृद्धि और शिक्षा में निवेश जरूरी होगा।

नौशाबा अंजुम

नौशाबा अंजुम एक अनुभवी बिज़नेस और फाइनेंस जर्नलिस्ट हैं। उन्हें पर्सनल फाइनेंस, निवेश, स्टार्टअप और आर्थिक नीतियों पर लिखने का गहरा अनुभव है। उनकी लेखनी सरल, तथ्यात्मक और पाठकों को सही वित्तीय निर्णय लेने में मदद करने वाली होती है।
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