2026 की 10 बड़ी सरकारी योजनाएं जो स्टार्टअप्स को टैक्स छूट, सब्सिडी, बिना गारंटी लोन और मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव देती हैं। 90% उद्यमी आवेदन ही नहीं करते – क्या आप भी उनमें हैं?
भारत में ज्यादातर नए उद्यमी एक ही बड़ी गलती करते हैं।वे सबसे पहले वेंचर कैपिटल और एंजेल निवेशकों के पीछे दौड़ते हैं। जबकि केंद्र सरकार और विभिन्न एजेंसियां 2026 में भी स्टार्टअप्स, MSME और नवाचार आधारित व्यवसायों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, टैक्स लाभ और क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाएं दे रही हैं।
ताज़ा नीति अपडेट के अनुसार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की गई है और डिजिटल व मैन्युफैक्चरिंग आधारित स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में फाउंडर्स आवेदन तक नहीं करते।
नीचे 10 प्रमुख सरकारी योजनाएं दी गई हैं, जिनकी जानकारी हर गंभीर उद्यमी को होनी चाहिए।
1. Startup India
स्टार्टअप को 3 साल तक टैक्स हॉलिडे, आसान कंप्लायंस और फंड ऑफ फंड्स के जरिए निवेश की सुविधा मिलती है। DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को कई नियामकीय छूट भी दी जाती हैं।
2. Stand-Up India
महिला और SC/ST उद्यमियों को 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक बैंक लोन उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देती है।
3. Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY)
शिशु, किशोर और तरुण श्रेणी में बिना गारंटी लोन उपलब्ध। छोटे व्यापार, सर्विस सेक्टर और होम-बेस्ड बिजनेस के लिए बेहद उपयोगी।
4. Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE)
2 करोड़ रुपये तक का बिजनेस लोन बिना कोलेटरल। बैंक को गारंटी सरकार देती है, जिससे नए उद्यमियों को लोन लेना आसान हो जाता है।
5. Atal Innovation Mission
नवाचार, रिसर्च और टेक स्टार्टअप्स के लिए ग्रांट, इन्क्यूबेशन सपोर्ट और मेंटरशिप। अटल टिंकरिंग लैब और इन्क्यूबेशन सेंटर इसके प्रमुख घटक हैं।
6. MSME Champions Scheme
टेक्नोलॉजी अपग्रेड, मार्केट एक्सपेंशन और शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सहायता।
7. National Small Industries Corporation (NSIC)
मार्केटिंग सपोर्ट, रॉ मटेरियल असिस्टेंस और सरकारी टेंडर में भागीदारी के लिए विशेष लाभ। निर्यात बढ़ाने में मददगार।
8. Production Linked Incentive Scheme (PLI)
मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने पर सीधे वित्तीय इंसेंटिव। इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा समेत कई सेक्टर शामिल।
9. Prime Minister’s Employment Generation Programme (PMEGP)
माइक्रो-एंटरप्राइज शुरू करने के लिए सब्सिडी युक्त लोन। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए लागू।
10. Digital MSME Scheme
ERP, क्लाउड, ऑटोमेशन और डिजिटल टूल्स अपनाने के लिए वित्तीय सहायता। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर विशेष फोकस।
रिपोर्ट : उर्जांचल टाइगर डेस्क, 12 फरवरी 2026











