Eco-friendly clothing : फैशन में सस्टेनेबल बदलाव

By: Shabana Parveen

On: Tuesday, November 25, 2025 11:25 AM

Eco-friendly clothing: Sustainable change in fashion
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Eco-friendly clothing : जानिए कैसे इको-फ्रेंडली कपड़े फैशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। सस्टेनेबल मटीरियल, जिम्मेदार उत्पादन और पर्यावरणीय जागरूकता से जुड़ी पूरी कहानी।

फैशन में इको-फ्रेंडली कपड़ों का बढ़ता असर

Eco-friendly clothing : इको-फ्रेंडली कपड़ों का विचार 20वीं सदी के आखिर में उभरा। यह दौर था जब लोग पर्यावरण की चिंता को समझने लगे थे। कंज्यूमर और एक्टिविस्ट सस्टेनेबल तरीकों की मांग करने लगे। इसी वजह से फैशन इंडस्ट्री को भी बदलाव की जरूरत महसूस हुई।

फास्ट फैशन के कारण प्रदूषण और कचरे की समस्या बढ़ी। रिपोर्ट्स से लोगों को इसके बुरे असर का पता चला। नतीजा यह रहा कि ग्राहक अब सस्टेनेबल विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

Eco-friendly clothing: Sustainable change in fashion

कंज्यूमर की सोच में बदलाव

एक सर्वे के अनुसार, करीब 60% ग्राहक अब अपने खरीद व्यवहार में बदलाव के लिए तैयार हैं। वे ऐसे कपड़े खरीदना चाहते हैं जो पर्यावरण पर कम असर डालें। इस बदलाव से पता चलता है कि अब फैशन में जागरूकता बढ़ रही है।

आज के लोग सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि सस्टेनेबिलिटी को भी अहम मानते हैं। कपड़ों की खरीद अब एक सामाजिक जिम्मेदारी बनती जा रही है।

Eco-friendly clothing: Sustainable change in fashion

सस्टेनेबल ब्रांड्स की भूमिका

कई ब्रांड इस दिशा में आगे आए हैं। पेटागोनिया और एवरलेन जैसी कंपनियां पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से काम करती हैं। वे सस्टेनेबल मटीरियल का उपयोग और सही श्रम प्रथाओं को अपनाकर उदाहरण पेश कर रही हैं।

ये ब्रांड दिखाते हैं कि स्टाइलिश होने के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी रहा जा सकता है। फैशन और पर्यावरण की यह साझेदारी एक नई सोच को जन्म दे रही है।

Eco-friendly clothing: Sustainable change in fashion

सस्टेनेबल प्रैक्टिस और मटीरियल

सस्टेनेबल फैशन का लक्ष्य है कपड़ों के पूरे जीवन चक्र में पर्यावरणीय असर को कम करना। इसमें ऑर्गेनिक फैब्रिक, रीसायकल किए गए मटीरियल और एनर्जी-सेविंग प्रोडक्शन शामिल हैं।

ऑर्गेनिक कॉटन जैसे फैब्रिक बिना हानिकारक केमिकल्स के उगाए जाते हैं। इससे मिट्टी और पानी दोनों को राहत मिलती है। वहीं, रीसायकल मटीरियल से कचरा भी घटता है।

Eco-friendly clothing: Sustainable change in fashion

उत्पादन और जीवन चक्र पर ध्यान

फैशन ब्रांड्स अब एथिकल लेबर प्रैक्टिस अपनाने लगे हैं। इसका मतलब है मजदूरों के लिए सही वेतन और सुरक्षित काम का माहौल। साथ ही, कई कंपनियां एनर्जी-एफिशिएंट उत्पादन तकनीक अपना रही हैं ताकि कार्बन फुटप्रिंट घटे।

अच्छी गुणवत्ता वाले कपड़े लंबे समय तक चलते हैं। इससे खरीद की जरूरत कम होती है और कचरा भी घटता है। पुराने कपड़ों को रीसायकल करने के प्रयास भी बढ़ रहे हैं।

Eco-friendly clothing: Sustainable change in fashion

सर्कुलर फैशन की ओर बढ़ता कदम

सर्कुलर फैशन का विचार अब नई दिशा दे रहा है। इसका मकसद है कपड़ों को बार-बार इस्तेमाल करना और वेस्ट कम करना। यह तरीका पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य के फायदे

इको-फ्रेंडली कपड़ों से जल और ऊर्जा की खपत घटती है। ऑर्गेनिक कॉटन, आम कॉटन की तुलना में कम पानी लेता है। यह पानी बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, ऐसे कपड़ों में हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल कम होता है। इससे त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचता और स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

फैशन अब सिर्फ दिखावे की बात नहीं रही। यह पर्यावरण और जिम्मेदारी के बीच एक संतुलित सोच का प्रतीक बन चुका है।

Shabana Parveen

मैं शबाना परवीन हूँ, पेशे से लाइफस्‍टाइल पत्रकार हूं। पत्रकारिता का मुझे कई साल का अनुभव हो चुका है। मुझे करियर, एजुकेशन, बॉलीवुड, सोसाइटी और विमेंस इंस्पिरेशन के साथ ट्रेंडिंग न्यूज पर लिखने में विशेषज्ञता प्राप्‍त है। इन विषयों गहन अध्ययन और इस विषयों के जनकरों से चर्चा कर आप तक सही जानकारी पहुंचा पाती हूं। मैं बतौर संपादक urjanchaltiger.in से जुड़ी हुई हूँ। मै अपनी टीम के साथ आपको हरपल अप-टू-डेट रहने और अपकी लाइफस्‍टाइल को स्‍टाइलिश बनाने के टिप्स बताती रहूँगी। बॉलीवुड, फैशन ब्‍यूटी, ट्रेंडिंग टॉपिक से जुड़ी ताज़ा अपडेट के लिए हमसे जुड़े रहिए। मेल आईडी - editor@urjanchaltiger.in
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