सिंगरौली। प्रतिबंधित नक्सली संगठन के इनामी सदस्यों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के 34 अधिकारियों और कर्मचारियों को नगद पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने इन सभी को कुल 15 लाख रुपये का पुरस्कार स्वीकृत किया है। इस सूची में चितरंगी एसडीओपी राहुल कुमार सैयाम का नाम भी शामिल है। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए उन्हें 1 लाख रुपये का डीजीपी पुरस्कार दिया जाएगा।
सिंगरौली और मध्यप्रदेश पुलिस के 34 अधिकारियों व कर्मचारियों को नक्सली संगठन के इनामी सदस्यों की गिरफ्तारी में उत्कृष्ट कार्य के लिए 15 लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया। चितरंगी एसडीओपी राहुल सैयाम को मिला 1 लाख का डीजीपी पुरस्कार।
जबलपुर से हुई थी बड़ी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त 2023 को जबलपुर शहर से प्रतिबंधित नक्सली संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के दो बड़े सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें
- अशोक रेड्डी, जो तेलंगाना का निवासी है और नॉर्थ बस्तर व आरकेबी डिवीजन का मास ऑर्गेनाइजेशन प्रभारी तथा डीके स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था।
- कुमारी पोटाई उर्फ रेमती, जो छत्तीसगढ़ की निवासी और एरिया कमेटी सदस्य थी।
दोनों लंबे समय से फरार थे और इन पर इनाम घोषित था।
एटीएस और हॉक फोर्स की अहम भूमिका
इन नक्सलियों की गिरफ्तारी में एटीएस मध्यप्रदेश और हॉक फोर्स की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की थी। टीम ने पूरी योजना के साथ ऑपरेशन चलाया। पुलिसकर्मियों ने इस कार्रवाई में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस कार्रवाई में शामिल 34 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया जा रहा है। डीजीपी द्वारा स्वीकृत यह नगद पुरस्कार पुलिसकर्मियों की साहस, पेशेवर दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा को प्रोत्साहित करने के लिए दिया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय मानी जा रही है। ऐसी कार्रवाइयों से नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण करने में मदद मिलती है।











