🌙 Loading...
Sehri: -- | Iftar: --
Ramadan Special

दिल्ली हाई कोर्ट कैंटीन में LPG संकट : बिरयानी-पनीर बंद, वकीलों को सैंडविच-सलाद से करना पड़ रहा काम

By: UTN Hindi ।। Digital Team

On: Wednesday, March 11, 2026 5:08 PM

Google News
Follow Us

दिल्ली हाई कोर्ट में रोज़ाना काम करने वाले वकीलों को इन दिनों लंच के समय बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अदालत परिसर की वकीलों वाली कैंटीन में एलपीजी गैस की कमी के कारण फिलहाल मुख्य भोजन बनना बंद हो गया है। ऐसे में बिरयानी, दाल मखनी, शाही पनीर जैसे लोकप्रिय व्यंजन मेन्यू से अस्थायी रूप से हटा दिए गए हैं और वकीलों को सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट जैसे हल्के विकल्पों से काम चलाना पड़ रहा है।

कैंटीन में टेबलों पर लगाए गए नोटिस में बताया गया है कि फिलहाल एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण मुख्य भोजन तैयार करना संभव नहीं है। प्रबंधन ने कहा है कि गैस आपूर्ति सामान्य होते ही पूरी सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी। तब तक ऐसे खाद्य पदार्थ ही परोसे जाएंगे जिन्हें गैस पर पकाने की जरूरत नहीं होती।

इस स्थिति का असर अदालत के गलियारों में साफ दिखाई दिया। दोपहर करीब 1 बजे जब कई वकील लंच के लिए कैंटीन पहुंचे तो उन्हें गर्म खाना नहीं मिला। कुछ वकीलों ने व्हाट्सऐप ग्रुप में समोसा मिलने के बारे में पूछा, लेकिन जवाब साफ था—अभी ऐसा कोई गर्म स्नैक उपलब्ध नहीं है।

एक जूनियर वकील ने बताया कि वह और उनके वरिष्ठ वकील करीब 12:30 बजे कैंटीन पहुंचे थे, जहां उन्हें इडली और चावल मिल गए। लेकिन खाने के दौरान ही कर्मचारियों ने बताया कि अब सभी मुख्य व्यंजन तैयार करना संभव नहीं होगा क्योंकि गैस खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि घर से खाना लाने पर भी समस्या है क्योंकि उसे गर्म करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत ने इस स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना है कि अदालत में दिनभर बहस करने वाले वकीलों के लिए कैंटीन ही मुख्य सहारा होती है। अगर वहां गर्म खाना नहीं मिलेगा तो काम के लंबे घंटों के दौरान कई लोगों को दिक्कत होगी।

एक अन्य वकील आकांक्षा राय ने हल्के अंदाज में कहा कि अगर एलपीजी की कमी ऐसे ही जारी रही तो कैंटीन में “लंच में सिर्फ बहसें होंगी, खाना नहीं।” हालांकि उन्होंने भी माना कि यह समस्या गंभीर है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब रोजमर्रा की व्यवस्था पर दिखने लगा है।

दरअसल, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इससे एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी कारण कई जगहों पर ईंधन आपूर्ति में बाधा की खबरें सामने आ रही हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और गैस की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखा गया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।

कैंटीन प्रबंधन ने वकीलों और आगंतुकों से असुविधा के लिए माफी मांगी है और भरोसा दिलाया है कि जैसे ही गैस की आपूर्ति सामान्य होगी, कैंटीन में पहले की तरह सभी मुख्य व्यंजन फिर से उपलब्ध हो जाएंगे।

For Feedback - Feedback@urjanchaltiger.in

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now