सिंगरौली, 24 अगस्त 2025। कहा गया है “होनहार विरवान के होत चिकने पात”। इस कहावत को सच कर दिखाया है सिंगरौली जिले के कचनी निवासी दीपक कुमार पांडे ने। दीपक ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET-2025) में सफलता प्राप्त की है। यह खबर पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
दीपक का चयन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार और पूरे इलाके के लिए प्रेरणा है। सिंगरौली जैसे उभरते जिले से निकला यह होनहार छात्र अब डॉक्टर बनने की राह पर है।
दीपक का पारिवारिक पृष्ठभूमि
दीपक का जन्म एक साधारण और अपेक्षाकृत गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम श्री चंद्र कांत पांडेय है। कचनी नगर निगम के वॉर्ड नंबर 28 में रहते हुए उन्होंने साधन-संपन्नता की कमी के बावजूद शिक्षा को प्राथमिकता दी।
बचपन से ही दीपक मेहनती और अनुशासित छात्र रहे हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों को अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया।
सफलता पर जिले को मिला गर्व
नीट परीक्षा में सफलता मिलने के बाद दीपक के घर जिले के कई गणमान्य व्यक्ति पहुंचे।निगम अध्यक्ष श्री देवेश पांडे, पार्षद राम गोपाल पाल, अनिल कुमार वैश्य, अपीलीय समिति सदस्य अशोक पांडेय, राम कृपाल कहार और बिरूहालिया देवी वैस ने उनके घर जाकर उन्हें सम्मानित किया।
दीपक को माला पहनाकर स्वागत किया गया। साथ ही, सबने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। यह क्षण दीपक के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और मोहल्ले के लिए खुशी और गौरव का अवसर था।
कठिन परिश्रम का फल
दीपक ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे परिश्रम, अनुशासन और परिवार का योगदान है। माता-पिता ने अपनी सीमित आय से भी उन्हें पढ़ाई के बेहतर अवसर दिलाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के अन्य छात्र भी यदि ईमानदारी से पढ़ाई करें तो सफलता निश्चित है।
जिले के लिए संदेश
दीपक की उपलब्धि सिंगरौली के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। इस सफलता ने यह साबित किया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मेहनत और लगन से सब कुछ संभव है।
जिले के छात्र अब दीपक को आदर्श मानकर आगे बढ़ सकते हैं। नीट जैसी कठिन परीक्षाओं में अगर मेहनत और धैर्य कायम रखा जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।