देश की नजरें एक बार फिर केंद्रीय बजट 2026 पर टिकी हैं। खासकर मध्यम वर्ग को यह उम्मीद है कि इस बार इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिल सकती है। सवाल साफ है, क्या वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman 12 लाख रुपये की टैक्स फ्री सीमा को और बढ़ाएंगी या सरकार पिछले साल की भारी राहत के बाद अब रुक जाएगी?
इस पूरे विमर्श के केंद्र में है सेक्शन 87A, जो नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय को पूरी तरह टैक्स फ्री बनाता है।
सेक्शन 87A क्यों है सबसे अहम?
सेक्शन 87A के तहत टैक्स कैलकुलेशन के बाद मिलने वाली रिबेट ही तय करती है कि कोई व्यक्ति टैक्स देगा या नहीं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर कोई करदाता सीमा से थोड़ा ऊपर चला भी जाए, तो मार्जिनल रिलीफ उसे भारी टैक्स बोझ से बचा लेती है। यही वजह है कि बजट से पहले इस सेक्शन में बदलाव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है।
न्यू टैक्स रिजीम बनाम ओल्ड टैक्स रिजीम
वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 5.27 करोड़ करदाताओं (72%) ने न्यू टैक्स रिजीम को चुना। विशेषज्ञों का मानना है कि AY 2025-26 में यह आंकड़ा और बढ़ेगा, क्योंकि सरकार लगातार नई व्यवस्था को ज्यादा आकर्षक बना रही है। हालांकि, अब भी करीब 2 करोड़ टैक्सपेयर्स पुराने सिस्टम में बने हुए हैं, क्योंकि उसमें ये फायदे मिलते हैं,
- HRA छूट
- होम लोन ब्याज पर छूट
- हेल्थ इंश्योरेंस
- एजुकेशन लोन
- अन्य सेक्शन 80C लाभ
क्या 30% टैक्स स्लैब 35 लाख तक जाएगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार 30% टैक्स स्लैब को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹35 लाख तक कर सकती है। उनका कहना है कि
- महंगाई तेजी से बढ़ी है
- टैक्स स्लैब लंबे समय से नहीं बदले
- मिडिल क्लास की वास्तविक आय पर दबाव बढ़ा है
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो ₹24–35 लाख कमाने वालों को सीधी राहत मिलेगी और हर महीने हाथ में ज्यादा पैसा आएगा।
नई टैक्स व्यवस्था : वर्तमान स्लैब (Budget 2026 से पहले)
| आय सीमा | टैक्स दर |
|---|---|
| ₹0 – ₹4 लाख | 0% |
| ₹4 – ₹8 लाख | 5% |
| ₹8 – ₹12 लाख | 10% |
| ₹12 – ₹16 लाख | 15% |
| ₹16 – ₹20 लाख | 20% |
| ₹20 – ₹24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
क्या पुराने टैक्स सिस्टम को खत्म किया जाएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम को खत्म नहीं करेगी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को न्यू सिस्टम की ओर शिफ्ट करने के लिए
- ज्यादा स्टैंडर्ड डिडक्शन
- सीमित मेडिकल छूट
- फैमिली टैक्स फाइलिंग जैसे विकल्प
- सरल टैक्स कैलकुलेशन जैसे बदलाव ला सकती है।
मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद
बढ़ती महंगाई, ईएमआई, बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल खर्चों के बीच टैक्सपेयर्स चाहते हैं कि
- 12 लाख की टैक्स फ्री सीमा बढ़े
- 30% स्लैब 35 लाख तक जाए
- कुछ जरूरी कटौतियां वापस मिलें
अब सबकी नजरें बजट भाषण पर टिकी हैं।






