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BAFTA 2026 में भारतीय मणिपुरी फिल्म ‘Boong’ ने रचा इतिहास, Best Children’s & Family Film का प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीता

By: Neeraj Sahu

On: Monday, February 23, 2026 1:41 PM

BAFTA 2026 में भारतीय मणिपुरी फिल्म ‘Boong’ ने रचा इतिहास, Best Children’s & Family Film का प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीता
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भारतीय सिनेमा के लिए 23 फरवरी 2026 एक ऐतिहासिक दिन बन गया, जब मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘Boong’ ने BAFTA 2026 में Best Children’s & Family Film का प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीत लिया। यह उपलब्धि न सिर्फ मणिपुरी फिल्म इंडस्ट्री बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण है। इस अवॉर्ड समारोह का आयोजन लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में हुआ, जहां फिल्म की टीम ने ट्रॉफी प्राप्त की।

फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जबकि इसके निर्माता फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, विकेश भुटानी, एलन मैकएलेक्स और शुजात सौदागर हैं। अवॉर्ड लेने के दौरान फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, लक्ष्मीप्रिया देवी और एलन मैकएलेक्स मंच पर मौजूद रहे।

संघर्ष और उम्मीद की कहानी है ‘Boong’

फिल्म ‘Boong’ की कहानी मणिपुर के एक स्कूली बच्चे के जीवन पर आधारित है, जो नस्लीय तनाव और सीमा से जुड़े संघर्षों के बीच अपने बिछड़े परिवार को फिर से जोड़ने की कोशिश करता है। यह कहानी साहस, उम्मीद और परिवार के महत्व को दर्शाती है।

फिल्म में गुगुन किपजेन, बाला हिजाम निंगथौजाम और अंगोम सनामातुम ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। बाल कलाकारों के दमदार अभिनय और भावनात्मक कहानी ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और जूरी को प्रभावित किया।

 

‘Zootopia 2’ और ‘Lilo & Stitch’ जैसी फिल्मों को हराकर जीता अवॉर्ड

‘Boong’ ने BAFTA अवॉर्ड जीतने के लिए कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पीछे छोड़ा। इनमें ‘Zootopia 2’, ‘Lilo & Stitch’ और फ्रेंच साइंस-फिक्शन फिल्म ‘Arco’ शामिल थीं। इन लोकप्रिय फिल्मों के बीच भारतीय क्षेत्रीय फिल्म का जीतना भारतीय कंटेंट की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

इस जीत ने साबित कर दिया है कि मजबूत कहानी और सच्चे भावनात्मक कंटेंट के दम पर भारतीय क्षेत्रीय फिल्में भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

BAFTA 2026 में भारतीय मणिपुरी फिल्म ‘Boong’ ने रचा इतिहास, Best Children’s & Family Film का प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीता

डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी ने मणिपुर में शांति की अपील की

अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी ने मंच से भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह सफर ऐसा था जैसे किसी पहाड़ की चोटी तक पहुंचना, जिसका अहसास पहले नहीं था। उन्होंने मणिपुर में शांति की कामना करते हुए कहा कि वहां के बच्चे फिर से अपनी खुशियां और सपने हासिल करें।

उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी संघर्ष इंसान की सबसे बड़ी ताकत, यानी माफी और इंसानियत, को खत्म नहीं कर सकता। BAFTA ने उन्हें न सिर्फ अवॉर्ड दिया बल्कि अपनी बात रखने का मंच भी दिया।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में पहले ही मिल चुकी थी पहचान

‘Boong’ का प्रीमियर 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जहां इसे Discovery सेक्शन में दिखाया गया था। इसके बाद फिल्म को वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, MAMI मुंबई फिल्म फेस्टिवल, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया और इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2025 में भी प्रदर्शित किया गया। इन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिल्म को शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसने BAFTA जीत की नींव मजबूत की।

भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के लिए नई उम्मीद

‘Boong’ की BAFTA जीत भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। यह साबित करता है कि स्थानीय कहानियां और वास्तविक मुद्दों पर आधारित फिल्में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों को प्रभावित कर सकती हैं।

यह उपलब्धि आने वाले समय में मणिपुरी और अन्य क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को वैश्विक मंच पर अपनी कहानियां दिखाने के लिए प्रेरित करेगी। भारतीय सिनेमा के लिए यह एक नया अध्याय है, जहां कंटेंट की गुणवत्ता ही सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है।

Neeraj Sahu

नीरज साहू नागपुर, छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। वे एक सक्रिय पत्रकार और समाजसेवी के रूप में पहचाने जाते हैं। नीरज साहू समसामयिक विषयों, राजनीती और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर लिखते हैं।
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