बलूच लिबरेशन आर्मी का बड़ा दावा, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 31 जनवरी को बयान जारी किया। इसमें उसने “ऑपरेशन हेरोफ फेज II” का दावा किया। BLA का कहना है कि उसके हमलों में 80 से ज्यादा पाकिस्तानी मारे गए। ये लोग आतंकवादी, पुलिसकर्मी, खुफिया एजेंसी और आतंकवाद विरोधी यूनिट के थे।
BLA ने कहा कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई जिलों में हमले किए। ये हमले एक साथ हुए। ऑपरेशन दस घंटे चला। कई शहरों और कस्बों में सुरक्षा ठिकाने निशाना बने। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं।
हमलों की जगहें
BLA के प्रवक्ता ने बयान जारी किया। हमले क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दलबांदिन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पसनी, तुरबत, टुम्प, बुलेदा, मैंगोचर, लसबेला, केच और अवारान में हुए। दर्जनों जगहों पर हमला किया गया। BLA ने कहा कि सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाया।
BLA के दावे
BLA का कहना है कि 84 जवान मारे गए। दर्जनों घायल हुए। 18 को बंदी बनाया गया। 30 से ज्यादा सरकारी संपत्तियां नष्ट की गईं। इनमें ऑफिस, बैंक और जेल शामिल हैं। 20 से ज्यादा गाड़ियां जलाई गईं। कुछ चौकियों पर कब्जा कर लिया।
BLA ने माना कि उसके 7 लड़ाके मारे गए। ये उसके एलीट “मजीद ब्रिगेड” के सदस्य थे।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया। पहले भी BLA के दावे और आधिकारिक आंकड़े अलग रहे हैं।
बलूचिस्तान का संघर्ष
BLA बलूचिस्तान के अलगाववादी समूहों में से एक है। प्रांत में दशकों से विद्रोह चल रहा है। लोग राजनीतिक स्वायत्तता और संसाधनों की मांग कर रहे हैं। BLA ने पहले भी CPEC प्रोजेक्ट्स पर हमले किए हैं।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। लेकिन आबादी कम है। यहां हिंसा का सिलसिला चलता रहता है। मानवाधिकार संगठन सेना पर बलूचों के खिलाफ दमन के आरोप लगाते हैं।
BLA ने कहा कि स्थानीय लोगों ने समर्थन दिया। लेकिन इसकी पुष्टि मुश्किल है। स्थिति अस्थिर है। सुरक्षा बढ़ाने की उम्मीद है।











