भारत में कैब सेवाओं के क्षेत्र में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला जब केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी दिल्ली में भारत टैक्सी (Bharat Taxi) ऐप का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह सेवा एक सहकारी (Cooperative) मॉडल पर आधारित है, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को मालिकाना हक देना और यात्रियों को सस्ती एवं सुरक्षित सवारी उपलब्ध कराना है।
सरकारी सूत्रों और ऑल इंडिया रेडियो की जानकारी के अनुसार, यह पहल सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और टैक्सी सेवाओं को अधिक “नागरिक केंद्रित” बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
क्या है Bharat Taxi ?
Bharat Taxi एक राइड-हेलिंग ऐप है, जिसे निजी कंपनियों की तरह कमीशन आधारित मॉडल पर नहीं चलाया जाएगा। इसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित कर रही है, जिसे अमूल जैसे सफल सहकारी मॉडल से जुड़े विशेषज्ञों का समर्थन प्राप्त है।
इस सेवा में ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि साझेदार (Owner-Driver) होंगे। इससे उन्हें कमाई पर पूरा नियंत्रण मिलेगा और शोषणकारी कमीशन से राहत मिलेगी।
आपने #BharatTaxi का नाम सुना है?
भारत टैक्सी ऐप में जुड़ते ही हर नए ड्राइवर को मिलती है शुरुआती प्रोफेशनल ड्राइविंग ट्रेनिंग.
दूसरी ऐप्स में:
भारी कमीशन
ट्रेनिंग की कमीभारत टैक्सी में:
100% कमाई ड्राइवर की (0 कमीशन)
प्रोफेशनल ड्राइविंग ट्रेनिंग
महिला सारथी (वुमन… pic.twitter.com/ghcCg27o3m— SansadTV (@sansad_tv) February 3, 2026
कैसे काम करेगा Bharat Taxi मॉडल?
भारत टैक्सी का संचालन तरीका पारंपरिक ऐप्स से बिल्कुल अलग है।
- हर ड्राइवर, जिसे “सारथी” कहा जाएगा, सहकारी समिति में 5 शेयर रखेगा
- प्रति राइड कोई कमीशन नहीं कटेगा
- केवल ₹30 प्रतिदिन का फिक्स शुल्क देना होगा
- पूरी कमाई सीधे ड्राइवर के पास जाएगी
अब तक निजी ऐप्स में प्रति राइड ₹30–₹50 तक कमीशन कटता था, जिससे ड्राइवरों की आय कम हो जाती थी। नए मॉडल से ड्राइवरों की कमाई बढ़ेगी और यात्रियों को भी कम किराया देना पड़ेगा।
यात्रियों को क्या फायदा?
अधिकारियों के अनुसार भारत टैक्सी के किराए निजी कंपनियों से 25–30% तक सस्ते हो सकते हैं।
Bharat Taxi ऐप में कई सुविधाएँ दी गई हैं
- AC और Non-AC कैब
- XL कैब
- ऑटो और बाइक टैक्सी
- मॉडर्न इंटरफेस
- रियल टाइम ट्रैकिंग
इससे यात्रियों को किफायती, तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
सुरक्षा पर विशेष फोकस
यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऐप में कई फीचर जोड़े गए हैं:
- समर्पित हेल्पलाइन
- ड्राइवर वेरिफिकेशन
- दिल्ली पुलिस के सहयोग से 35 विशेष शिकायत केंद्र
- राइड मॉनिटरिंग सिस्टम
इन उपायों से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा और सुरक्षित मानी जा रही है।
पायलट चरण में मिला अच्छा रिस्पॉन्स
दिसंबर 2025 में दिल्ली और गुजरात में सॉफ्ट लॉन्च के दौरान
- रोजाना औसतन 5,500 राइड
- लगभग 4,000 एयरपोर्ट ट्रिप
- 4 लाख से ज्यादा पंजीकृत ड्राइवर
इन आंकड़ों ने दिखाया कि बाजार में इस मॉडल की मांग तेजी से बढ़ रही है।
क्या बदल सकता है कैब मार्केट?
भारत टैक्सी की एंट्री से Uber और Ola जैसे निजी एग्रीगेटर्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलेगी। अगर यह मॉडल सफल रहा तो देश के अन्य शहरों में भी इसे तेजी से लागू किया जा सकता है।
यह पहल न केवल यात्रियों के लिए सस्ती सवारी का विकल्प है, बल्कि लाखों ड्राइवरों के लिए बेहतर आय और सम्मानजनक रोजगार का रास्ता भी खोल सकती है।











