सिंगरौली जिले में पशु क्रूरता का एक बड़ा मामला सामने आया है। सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बरका पुलिस चौकी क्षेत्र गन्नई में एक ट्रक से 18 भैंस, 1 गाय और एक बछड़ा बरामद किया गया। बताया गया कि ट्रक क्रमांक UP70HT2622 में जानवरों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिंगरौली के सरई थाना क्षेत्र में पशु क्रूरता का बड़ा मामला सामने आया। ट्रक में 18 भैंस, 1 गाय और एक बछड़ा ठूंसकर ले जाए जा रहे थे। “प्रेस” लिखी कार से आरोपियों को भगाने की कोशिश का आरोप।
एक माह से लापता भैंस बनी सुराग
ग्राम गन्नई निवासी 63 वर्षीय जगदीश वैश्य ने पुलिस में शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनकी एक भैंस करीब एक माह पहले गायब हो गई थी। 3 मार्च 2026 की रात करीब 3 बजे सूचना मिली। बताया गया कि सरई से देवसर की ओर एक ट्रक में बड़ी संख्या में पशु ले जाए जा रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण सक्रिय हुए।
पेट्रोल पंप से नहीं रुका ट्रक
ग्रामीणों ने सरई पेट्रोल पंप के पास ट्रक रोकने की कोशिश की। ट्रक नहीं रुका। इसके बाद पीछा किया गया। गन्नई में घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया गया। वहीं पूछताछ के दौरान चालक ने अपना नाम अफरोज खान पिता इस्लाम खान निवासी देवसर बताया। साथ में मौजूद लोगों ने अपने नाम राजू खान (गोराई, थाना बहरी जिला सीधी), सद्दाम हुसैन (देवसर) और सलमान खान (ग्राम शिवगढ़, थाना हनुमना जिला मऊगंज) बताए।
“प्रेस” लिखी कार से भगाने का आरोप
घटना के दौरान एक काले रंग की कार भी मौके पर पहुंची। कार का नंबर JH01 1213 बताया गया। कार पर आगे-पीछे “PRESS” लिखा था। शिकायत के अनुसार, कार में सवार सऊद खान (टीवी 27 सिंगरौली से जुड़े रिपोर्टर सउद पठान के रूप में पहचान) व खुद्दश निवासी लंघाडोल ने ट्रक चालक और एक अन्य व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाकर भगाने का प्रयास किया। पीछा करने पर फायरिंग जैसी आवाज सुनाई देने का भी आरोप है। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। सभी पशुओं को सुरक्षित कराया गया है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में एक स्थानीय टीवी चैनल से जुड़े व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद जिले में “प्रेस” लिखी गाड़ियों के दुरुपयोग पर सवाल खड़े हो गए हैं।











