Singrauli, Madhya Pradesh में स्थित जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बीते चार महीनों में 72 बच्चों की मौत हो गई है। यह खबर जिले में सनसनी फैला रही है। आंकड़ों के मुताबिक, हर महीने औसतन 15-16 नवजात बच्चों की मौत हो जाती है। यह मौतें SNCU (Special Newborn Care Unit) में हुई हैं।
अस्पताल प्रबंधन पर सवाल
परिवार वाले बार-बार प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि डॉक्टर और नर्स समय पर इलाज नहीं करते। कई मामलों में स्टाफ की कमी बताई गई है। डॉक्टरों की अनुपस्थिति भी सामने आई है। कई बार जरुरी दवाएं और उपकरण भी उपलब्ध नहीं मिले। कई मृत बच्चों के परिवार ने आरोप लगाया कि इलाज में देरी और लापरवाही बड़ी वजह रही।
लापरवाही के मामले
हाल ही में एक मामला सामने आया, जिसमें एक नवजात की सर्जरी के समय लापरवाही के कारण मौत हो गई। परिवार ने बताया कि जल्दीबाजी में ऑपरेशन किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि ऑपरेटिंग उपकरणों के निशान नवजात के शरीर पर मिले।
सरकार और स्वास्थ्य सिस्टम दोनों गहरी नींद में !
सिंगरौली ट्रॉमा सेंटर में 4 महीने में 72 मासूमों की मृत्यु! ज़िला अस्पताल की यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। अप्रैल से जुलाई के बीच भर्ती 409 बच्चों में से 72 की मृत्यु हो गई। चिकित्सकों की कमी, संसाधनों का अभाव और सरकार की गंभीर लापरवाही ने मासूम बच्चों की जान ले ली। लगातार प्रदेश भर से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली की तस्वीरें सामने आ रही हैं, क्योंकि सरकार और स्वास्थ्य सिस्टम दोनों वर्षों से गहरी नींद में सोए हुए हैं।
सिंगरौली ट्रॉमा सेंटर में 4 महीने में 72 मासूमों की मृत्यु!
ज़िला अस्पताल की यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। अप्रैल से जुलाई के बीच भर्ती 409 बच्चों में से 72 की मृत्यु हो गई।
चिकित्सकों की कमी, संसाधनों का अभाव और सरकार की गंभीर लापरवाही ने मासूम बच्चों की जान ले ली।
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— Kamleshwar Patel (@Kamleshwar_INC) August 23, 2025