नई दिल्ली, 13 जुलाई, 2025 : सोशल मिडिया पर एक संदेश में यह झूठा दावा किया गया था कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकों को सितंबर 2025 तक ATM से ₹500 के नोट निकालने बंद करने का आदेश दिया है। जिसके बाद भारत सरकार ने स्पष्टीकरण जारी कर दावे की सच्चाई बताई है।
सोशल मिडिया पर फैलाए जा रहे एक संदेश में दवा किया गया था कि ₹500 के नोटों को चरणबद्ध तरीके से वापस लिया जा रहा है। वायरल पोस्ट के अनुसार, 30 सितंबर, 2025 तक 75% एटीएम से ₹500 के नोट निकलने बंद हो जाएँगे, और मार्च 2026 तक यह पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
सच्चाई क्या है ?
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की तथ्य जाँच इकाई ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को “पूरी तरह से झूठ” करार दिया। X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर एक सार्वजनिक बयान में, PIB फैक्ट चेक ने पुष्टि की
Has RBI really asked banks to stop disbursing ₹500 notes from ATMs by September 2025? 🤔
A message falsely claiming exactly this is spreading on #WhatsApp #PIBFactCheck
✅ No such instruction has been issued by the @RBI.
✅ ₹500 notes will continue to be legal tender.
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 12, 2025
“RBI द्वारा ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। ₹500 के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। ऐसी गलत सूचनाओं के झांसे में न आएँ। किसी भी खबर पर विश्वास करने या उसे शेयर करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें!”
क्यों हुआ भ्रम ?
अप्रैल 2025 में जारी आरबीआई के ने एक सर्कुलर जारी किया था । जिसमें बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम संचालकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि उनके एटीएम में ₹100 और ₹200 के नोटों की अधिक से अधिक हो, जिसका उद्देश्य रोज़मर्रा के लेन-देन के लिए छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता में सुधार करना है। दिशानिर्देशों के अनुसार, 30 सितंबर, 2025 तक, 75% एटीएम कम से कम एक कैसेट से ₹100 या ₹200 के नोट निकालेंगे, जो 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 90% हो जाएगा। यह कदम ₹500 के नोटों के सम्बन्ध में नहीं था।
क्या ₹500 के नोट वैध मुद्रा बना रहेगा ?
हालांकि आरबीआई अपने नए गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले ₹20 के नए नोट जारी करने की तैयारी में है। लेकिन पहले जारी किए गए सभी मूल्यवर्ग, जिनमें ₹500 के नोट भी शामिल हैं, वैध मुद्रा बने रहेंगे और बिना किसी प्रतिबंध के प्रचलन में रहेंगे।
भारत की मुद्रा और बैंकिंग नीतियों पर नवीनतम अपडेट के लिए, हमेशा आधिकारिक सरकारी और आरबीआई संचार देखें।











