बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म हेरा फेरी 3 अब रिलीज से पहले ही गहरे कानूनी विवाद में फंसती नजर आ रही है। फिल्म के अधिकारों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच चुका है। 27 अप्रैल 2026 को मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में फिल्म निर्माता Firoz A. Nadiadwallah की शिकायत पर धोखाधड़ी और कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
इस FIR में G P Vijayakumar और एम पॉल माइकल उर्फ लाल को आरोपी बनाया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 356 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है, जो आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर प्रावधान माने जाते हैं।
विवाद की जड़ क्या है?
यह विवाद फरवरी 2026 में तब शुरू हुआ जब विजयकुमार ने Madras High Court का रुख करते हुए दावा किया कि हेरा फेरी फ्रेंचाइजी के अधिकार उनके पास हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उनकी अनुमति के बिना हेरा फेरी 3 बनाई ही नहीं जा सकती।
इसके जवाब में नाडियाडवाला ने अब कानूनी मोर्चा तेज करते हुए FIR दर्ज करवाई है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी शिकायत में मजबूत दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिनमें असाइनमेंट एग्रीमेंट, वित्तीय रिकॉर्ड और कॉपीराइट से जुड़े अन्य आधिकारिक दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर नाडियाडवाला ने खुद को हेरा फेरी फ्रेंचाइजी का स्थायी और एकमात्र अधिकारधारी बताया है।

जांच का दायरा क्या होगा?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस FIR के बाद जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करेंगी। इसमें अधिकारों की श्रृंखला (chain of title), पुराने समझौते, कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें और वित्तीय लेनदेन की जांच शामिल होगी। यह तय किया जाएगा कि असल में फ्रेंचाइजी के अधिकार किसके पास हैं और क्या किसी प्रकार की धोखाधड़ी हुई है।
हेरा फेरी फ्रेंचाइजी का इतिहास
हेरा फेरी का पहला भाग वर्ष 2000 में रिलीज हुआ था और यह अपनी अनोखी कहानी, हास्य और यादगार किरदारों के कारण कल्ट क्लासिक बन गया। फिल्म का निर्देशन Priyadarshan ने किया था। इसके बाद 2006 में आई फिर हेरा फेरी, जिसे दिवंगत Neeraj Vora ने निर्देशित किया, बॉक्स ऑफिस पर और भी बड़ी सफलता साबित हुई।
आज भी यह फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा में कॉमेडी का एक बेंचमार्क मानी जाती है और इंटरनेट मीम कल्चर में इसकी लोकप्रियता बरकरार है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है। अगर अदालत या जांच एजेंसियां नाडियाडवाला के दावों को सही ठहराती हैं, तो हेरा फेरी 3 का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, अगर विजयकुमार के दावे मजबूत साबित होते हैं, तो फिल्म का भविष्य अधर में लटक सकता है।
फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक फिल्म का नहीं, बल्कि बॉलीवुड में बौद्धिक संपदा अधिकारों की जटिलता और पारदर्शिता का बड़ा उदाहरण बन चुका है।






