आज के समय में सबसे कठिन कॉल वह नहीं होता जिसमें कोई बुरी खबर मिले, बल्कि वह होता है जब माता-पिता को आपसे आर्थिक जरुरत हो और आप चाह के भी पूरा न कर पाएं। ऐसी स्थिति अचानक आ सकती है और अगर तैयारी न हो, तो यह मानसिक और आर्थिक दबाव दोनों बढ़ा देती है।
इसलिए हर जिम्मेदार व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह पहले से ही एक मजबूत फाइनेंशियल प्लान तैयार करे।
मासिक खर्च का सही आकलन करें
माता-पिता के लिए हर महीने का खर्च आमतौर पर ₹30,000 से ₹70,000 के बीच होता है। इसमें राशन, दवाइयां, बिजली-पानी और अन्य जरूरतें शामिल होती हैं। सबसे पहले इस खर्च का सही हिसाब लगाना जरूरी है।
आय का निश्चित हिस्सा तय करें
अपनी मासिक आय का 15% से 30% हिस्सा माता-पिता के लिए अलग रखें। इसे विकल्प नहीं, बल्कि EMI की तरह अनिवार्य समझें।
हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी
आज के समय में एक अस्पताल का बिल ₹3 लाख से ₹8 लाख तक पहुंच सकता है। इसलिए कम से कम ₹15 लाख से ₹25 लाख का हेल्थ कवर और टॉप-अप प्लान होना चाहिए।
इमरजेंसी और पैरेंट्स फंड
माता-पिता के लिए ₹2 लाख से ₹8 लाख तक का अलग फंड रखें, जो 6 से 12 महीने के खर्च को कवर कर सके। इसके अलावा ₹3 लाख से ₹7 लाख का इमरजेंसी फंड अलग रखें।
रिटायरमेंट और एसेट चेक
अगर माता-पिता की मासिक जरूरत ₹50,000 है, तो भविष्य के लिए लगभग ₹1.2 करोड़ से ₹1.5 करोड़ का फंड जरूरी होगा। साथ ही FD, LIC, सोना या जमीन जैसी संपत्तियों का सही मूल्य पता होना चाहिए।
खुद की फाइनेंशियल प्लानिंग भी जरूरी
अक्सर लोग माता-पिता के लिए बचत करते-करते अपनी योजना भूल जाते हैं।कम से कम 20% से 30% आय खुद के निवेश में लगाएं।
माता-पिता के लिए फाइनेंशियल प्लान बनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सही प्लानिंग से न केवल परिवार सुरक्षित रहता है, बल्कि भविष्य की अनिश्चितताओं से भी बचाव होता है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ?
Q1. माता-पिता के लिए कितना फंड रखना चाहिए?
कम से कम 6–12 महीने का खर्च यानी ₹2 लाख से ₹8 लाख तक।
Q2. हेल्थ इंश्योरेंस कितना जरूरी है?
बहुत जरूरी है, क्योंकि एक बीमारी पूरी बचत खत्म कर सकती है।
Q3. क्या अपनी बचत भी जरूरी है?
हाँ, अपनी रिटायरमेंट और भविष्य के लिए निवेश करना उतना ही जरूरी है।










