सिंगरौली जिले में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा मानकों का 100% पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने स्पष्ट कहा कि जिले में कई खतरनाक और अतिखतरनाक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए नियमित प्रशिक्षण और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है।
उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक सुरक्षा के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा के मानकों का भी पूरी सख्ती से पालन किया जाए।
विस्फोटक सामग्री के भंडारण पर सख्ती
कलेक्टर ने विशेष रूप से अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों के सुरक्षित भंडारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विस्फोटक सामग्री खुले या अव्यवस्थित तरीके से न रखी जाए।
सभी कंपनियों को निर्धारित एसओपी के तहत ही भंडारण करने और इकाइयों में बाउंड्री वॉल निर्माण के निर्देश दिए गए।
मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण अनिवार्य
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि समय-समय पर मजदूरों के लिए सेफ्टी प्रोटोकॉल की जानकारी देने हेतु मॉक ड्रिल आयोजित की जाए।
साथ ही कार्यस्थल पर कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देना भी अनिवार्य किया गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत सही कदम उठाया जा सके।
नई सुरक्षा संहिता और पारदर्शिता पर जोर
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मध्य प्रदेश की निदेशक नमिता तिवारी ने नवीन व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल परिस्थितियां संहिता के प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने सुरक्षा घटनाओं की पारदर्शी रिपोर्टिंग, श्रम स्टार रेटिंग प्रणाली, हार्ड फ्री डेज और फायर ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
आपसी सहयोग के लिए बनेगा नेटवर्क
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी औद्योगिक इकाइयां आपसी सहयोग के लिए समूह बनाएंगी, ताकि किसी भी संकट के समय त्वरित सहायता मिल सके।
इस पहल के लिए एनटीपीसी और रिलायंस को समन्वयक बनाया गया है।











