राज्यसभा के 37 सांसदों का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है, जिसके चलते संसद में उन्हें विदाई दी जा रही है। अप्रैल से जून के बीच कुल 59 सांसदों का कार्यकाल खत्म होगा। ऐसे में लोगों के मन में एक बड़ा सवाल है, सांसद बनने के बाद जब कार्यकाल समाप्त हो जाता है, तो उन्हें कितनी पेंशन और सुविधाएं मिलती हैं?
कितनी मिलती है सांसदों को पेंशन?
संसद की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसदों को न्यूनतम 31,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है।
- पहले यह राशि 25,000 रुपये थी
- हाल ही में सरकार ने इसमें बढ़ोतरी की है
अगर कोई सांसद 5 साल से ज्यादा समय तक सदस्य रहा है, तो उसे अतिरिक्त पेंशन भी मिलती है।
हर अतिरिक्त साल के लिए 2,500 रुपये प्रति माह बढ़ते हैं
उदाहरण से समझिए
- 5 साल कार्यकाल → ₹31,000 प्रति माह
- 7 साल कार्यकाल → ₹36,000 प्रति माह
अन्य सुविधाएं क्या मिलती हैं?
पूर्व सांसदों को सिर्फ पेंशन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं
फ्री यात्रा सुविधा
- अकेले यात्रा पर → फर्स्ट एसी में मुफ्त सफर
- एक साथी के साथ → सेकेंड एसी में मुफ्त यात्रा
इसके लिए संसद सचिवालय से विशेष कार्ड बनवाना जरूरी होता है।
स्वास्थ्य सुविधा
- CGHS (केंद्रीय स्वास्थ्य योजना) का लाभ
- जीवनसाथी के लिए भी कार्ड की सुविधा
सरकारी सुविधाएं
- सरकारी इमारतों में प्रवेश की अनुमति
- अंडमान-निकोबार सांसदों के लिए स्टीमर यात्रा फ्री
वेतन और भत्तों में भी हुआ इजाफा
सांसद रहते हुए मिलने वाले वेतन और भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है:
- सैलरी: ₹1 लाख → ₹1.24 लाख प्रति माह
- दैनिक भत्ता: ₹2,000 → ₹2,500
- निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: ₹70,000
- कार्यालय भत्ता: ₹60,000
इसके अलावा
- 50,000 यूनिट बिजली मुफ्त
- 4,000 किलोलीटर पानी मुफ्त
कार्यकाल खत्म होने के बाद क्या होता है?
सांसदों को पद पर रहते हुए सरकारी आवास मिलता है, लेकिन कार्यकाल खत्म होने के बाद:
- 1 महीने के भीतर घर खाली करना होता है
- अधिक समय रहने पर किराया देना पड़ता है











