हाल ही में दो भारतीय ध्वज वाले गैस टैंकर सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से होकर गुजर गए।इन टैंकरों में लगभग 92,700 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है। यह गैस भारत के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने वाली है, जहां इसके अगले कुछ दिनों में पहुंचने की संभावना है।
यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है, जिससे होकर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
ख़बर क्या है ? US-Iran war
भारत-ईरान बातचीत से निकला समाधान
विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने बताया कि भारत लगातार ईरान से बातचीत कर रहा है और उसी का परिणाम है कि भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति मिली।
उन्होंने कहा कि यह कोई स्थायी या “ब्लैंकेट व्यवस्था” नहीं है, बल्कि हर जहाज के लिए अलग-अलग बातचीत और समन्वय किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके बदले में ईरान को भारत की ओर से कोई विशेष सौदा या रियायत नहीं दी गई है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के आधार पर बातचीत की जा रही है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Strait of Hormuz
Strait of Hormuz को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है।
यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और मध्य-पूर्व से एशिया तक तेल-गैस की सप्लाई का मुख्य रास्ता है। यदि यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा असर पड़ सकता है।











