महाराष्ट्र के पालघर जिले के तारापुर MIDC औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक केमिकल यूनिट से जहरीली ओलियम गैस का रिसाव होने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह रिसाव भागेरिया केमिकल्स कंपनी (पूर्व में जेनिथ केमिकल्स) की यूनिट से हुआ। घटना के बाद जिला प्रशासन, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिसाव से किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन कई लोगों को आंख और सांस से जुड़ी परेशानी हुई।
कर्मचारी भागकर बाहर निकले, फैक्ट्रियां खाली कराई गईं
गैस रिसाव होते ही फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी जान बचाकर बाहर निकलने लगे। आसपास की अन्य कंपनियों में भी काम तुरंत बंद करा दिया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद 2000 से अधिक लोगों और छात्रों को एहतियातन सुरक्षित निकाला गया।
View this post on Instagram
दोपहर 2 बजे हुआ रिसाव, कई किलोमीटर तक असर
जानकारी के अनुसार, गैस का रिसाव दोपहर करीब 2 बजे उस टैंक से शुरू हुआ जिसमें ओलियम स्टोर था। ओलियम हवा के संपर्क में आते ही जहरीली गैस में बदल जाता है और सफेद धुआं तेजी से फैलता है। हवा की दिशा के कारण इसका असर करीब 1.5 से 2 किलोमीटर या उससे ज्यादा दूरी तक महसूस किया गया। कई लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और घबराहट की शिकायत की।
प्रशासन ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से बाहर न निकलें और दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें। सांस लेने में दिक्कत होने पर गीले कपड़े से नाक-मुंह ढकने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी है और गैस रिसाव को रोकने का काम किया गया।
लोगों में दहशत, पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
पालघर के तारापुर MIDC में पहले भी गैस रिसाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस वजह से औद्योगिक सुरक्षा और फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केमिकल इंडस्ट्री में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है।
क्या है ओलियम गैस और क्यों खतरनाक है
ओलियम फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड का एक रूप है। यह हवा के संपर्क में आते ही जहरीली गैस बनाता है। इसके संपर्क में आने से आंख, त्वचा और फेफड़ों पर गंभीर असर हो सकता है। इसलिए ऐसी घटनाओं में तुरंत बचाव जरूरी होता है।











