भारत में 2026 की शुरुआत के साथ फैशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब लोग केवल ब्रांडेड कपड़ों पर निर्भर नहीं हैं। युवा पीढ़ी इंडो-वेस्टर्न और आरामदायक कपड़ों को ज्यादा पसंद कर रही है। ढीले फिटिंग वाले कपड़े, को-ऑर्ड सेट और स्ट्रीटवियर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
फैशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज का ट्रेंड केवल दिखावे पर नहीं बल्कि आराम और पहचान पर आधारित है। युवा अब साड़ी, हैंडलूम और पारंपरिक कपड़ों को नए तरीके से स्टाइल कर रहे हैं। इससे भारतीय टेक्सटाइल और लोकल डिजाइनर्स को भी बड़ा फायदा मिल रहा है।

हाल ही में भारतीय डिजाइनर ब्रांड्स ने अंतरराष्ट्रीय फैशन शो में अपनी पहचान मजबूत की है। इससे भारतीय फैशन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है और हैंडलूम तथा पारंपरिक कपड़ों की मांग बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार 2026 में फैशन का मुख्य फोकस सस्टेनेबल, आरामदायक और यूनिक स्टाइल पर रहेगा। छोटे शहरों के युवा भी तेजी से नए फैशन ट्रेंड अपना रहे हैं। इससे भारत का फैशन बाजार और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।











