भारतीय डी2सी फैशन ब्रांड ‘Bewakoof’ में बड़ा बदलाव आया है। को-फाउंडर प्रभकीरन सिंह ने 14 साल के सफर के बाद कंपनी छोड़ने का ऐलान किया है। वे मार्च अंत तक अपनी जिम्मेदारियां सौंप देंगे।
यह खबर फैशन इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रभकीरन ने व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। बेवकूफ अब TMRW के बैकिंग के साथ अगले फेज में कदम रख रहा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव विकास के लिए जरूरी है।
Bewakoof का सफर और प्रभकीरन की भूमिका
बेवकूफ ने 2012 में अपनी शुरुआत की थी। प्रभकीरन सिंह ने युवाओं के लिए किफायती और ट्रेंडी कपड़े पेश किए। ब्रांड ने जल्दी ही लाखों ग्राहकों का दिल जीत लिया। टी-शर्ट से लेकर होल्डल कपड़ों तक इसकी रेंज लोकप्रिय रही।
प्रभकीरन ने कंपनी को मजबूत बनाया। उन्होंने ऑनलाइन सेल्स को बढ़ावा दिया। स्टार्टअप ने कई फंडिंग राउंड्स में निवेश हासिल किया। TMRW का हालिया समर्थन इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। प्रभकीरन की अगुवाई में बेवकूफ ने बाजार में मजबूत जगह बनाई।
इस्तीफे की वजह क्या है?
प्रभकीरन सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत कारणों से यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कंपनी को नया चेहरा देने का समय आ गया बताया। बेवकूफ का कहना है कि यह ट्रांजिशन सुचारू होगा। नया नेतृत्व ब्रांड को और मजबूत करेगा।
फैशन इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यह सामान्य बदलाव है। कई स्टार्टअप्स में फाउंडर्स बाद में कदम पीछे हटाते हैं। बेवकूफ की ग्रोथ रेट अभी भी मजबूत है। 2026 में यह और तेजी पकड़ेगा।
फैशन सेक्टर में असर
भारतीय फैशन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। डी2सी ब्रांड्स जैसे बेवकूफ लीडर बन रहे हैं। प्रभकीरन के जाने से निवेशकों का भरोसा बना रहेगा। TMRW का साथ इसे बड़े प्लेयर्स से मुकाबला करने में मदद देगा।
ग्राहक अब ब्रांड की नई रणनीति का इंतजार कर रहे हैं। क्या कीमतें कम होंगी या नई रेंज आएगी? आने वाले महीनों में अपडेट्स मिलेंगे। यह बदलाव सस्टेनेबल फैशन की दिशा में कदम हो सकता है।











