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नमाज़ से हाईवे जाम का फर्जी वीडियो दिखाने के मामले में Zee News पर लगा ₹1 लाख का जुर्माना

By: UTN Hindi ।। Digital Team

On: Friday, February 20, 2026 7:13 AM

जम्मू-श्रीनगर हाईवे जाम को नमाज से जोड़ने वाले फर्जी वीडियो के प्रसारण पर NBDSA ने Zee News पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया। जानें पूरा मामला और नए सख्त दिशा-निर्देश।
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न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने Zee News पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम से जुड़े एक फर्जी वीडियो के प्रसारण के कारण की गई।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि चैनल ने एक वीडियो दिखाया। इसमें दावा किया गया कि एक मुस्लिम ट्रक ड्राइवर ने हाईवे के बीच में वाहन रोककर नमाज पढ़ी। इससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया।

फैक्ट-चेक में सामने आई सच्चाई

फैक्ट-चेक और ट्रैफिक एडवाइजरी में यह साफ हुआ कि हाईवे जाम की असली वजह खराब मौसम और भूस्खलन थी। वीडियो में दिखाया गया दावा गलत था। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि चैनल ने बिना सत्यापन के सोशल मीडिया वीडियो दिखाया। इससे एक सामान्य ट्रैफिक समस्या को सांप्रदायिक रूप दिया गया।

Zee News ने दी सफाई

Zee News ने अपने जवाब में कहा कि प्रसारण के दौरान वीडियो को “वायरल” और अप्रमाणित बताया गया था। चैनल ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री पर रिपोर्ट कर रहा था। बाद में वीडियो फर्जी पाए जाने पर उसे हटा दिया गया।

NBDSA ने बताया गंभीर चूक

NBDSA ने अपने आदेश में कहा कि बिना सत्यापन सोशल मीडिया सामग्री का प्रसारण गंभीर चूक है। यह आचार संहिता के “सटीकता” सिद्धांत का उल्लंघन है।

अथॉरिटी ने कहा कि किसी भी सामग्री के प्रसारण से पहले सत्यापन जरूरी है। मीडिया संस्थानों को जिम्मेदारी के साथ खबर दिखानी चाहिए।

सोशल मीडिया कंटेंट पर बढ़ता खतरा

NBDSA ने कहा कि हाल के समय में ब्रॉडकास्टर्स और डिजिटल पब्लिशर्स सोशल मीडिया कंटेंट पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। इससे गलत जानकारी, भ्रामक वीडियो और AI से बने डीपफेक के प्रसार का खतरा बढ़ गया है।

जारी किए गए नए दिशा-निर्देश

NBDSA ने सोशल मीडिया कंटेंट के उपयोग के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी वीडियो, फोटो और जानकारी का प्रसारण से पहले सत्यापन जरूरी होगा।

जहां संभव हो, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग, पुलिस और सरकारी एजेंसियों से पुष्टि करनी होगी। वीडियो और फोटो की जांच भी करनी होगी कि उनमें कोई छेड़छाड़ या AI का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।

मीडिया के लिए बड़ा संदेश

NBDSA का यह फैसला मीडिया संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। इससे साफ संदेश गया है कि बिना पुष्टि के सामग्री दिखाना गलत है। भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

यह मामला मीडिया की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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