सूरजपुर : लटोरी तहसील के ग्राम सुंदरगंज में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की झड़प अब कानूनी शिकंजे में बदल चुकी है। प्रशासनिक टीम पर हुए पथराव के मामले में 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद गांव में हड़कंप मची हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी नामजद आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
क्या था पूरा मामला?
बुधवार को खसरा नंबर 35, 255 और 552 की जमीन पर चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया था। ग्राम पंचायत की पहल पर एसडीएम, राजस्व अमला और पुलिस बल की मौजूदगी में सीमांकन के बाद जेसीबी मशीन से कब्जा हटाया जा रहा था। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया और देखते ही देखते स्थिति झूमा-झटकी और पथराव में बदल गई।
हंगामे के दौरान पुलिस वाहन भी चपेट में आया
जेसीबी मशीन पर किए गए पथराव के कारण मशीन को पीछे हटाना पड़ा।हंगामे के दौरान मौके पर तैनात पुलिस वाहन भी पत्थरों की चपेट में आ गया, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। विवाद और धक्का-मुक्की में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
घटना को गंभीर मानते हुए लटोरी तहसीलदार सुरेन्द्र कुमार पैंकरा की रिपोर्ट पर चौकी लटोरी, थाना जयनगर में अपराध क्रमांक 50/26 दर्ज किया गया है। 18 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और लोक संपत्ति नुकसानी निवारण अधिनियम 1984 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल की निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सुंदरगंज की इस घटना ने पूरे इलाके में प्रशासनिक सख्ती का संदेश दे दिया है।











