Uttar Pradesh Heritage Tree Scheme उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ा और ठोस कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने 100 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले वृक्षों को ‘हेरिटेज ट्री’ के रूप में चिह्नित कर उनके संरक्षण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से लागू कर दी है। ताजा प्रशासनिक अपडेट के अनुसार राज्य के सभी 75 जिलों में अब तक 948 ऐसे प्राचीन वृक्षों की पहचान की जा चुकी है।
पेड़ नहीं, प्राकृतिक विरासत की पहचान
सरकार का उद्देश्य सिर्फ पुराने वृक्षों की गिनती करना नहीं है। इन वृक्षों को उनकी ऐतिहासिक, पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्ता के आधार पर संरक्षित किया जा रहा है। कई पेड़ ऐसे हैं जो गांवों, मंदिर परिसरों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों से जुड़े हैं और स्थानीय समुदायों की परंपराओं का हिस्सा बन चुके हैं।
वृक्षों से भावनात्मक जुड़ाव
यह पहल सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों, पंचायत भूमि, स्कूल परिसरों और सामुदायिक स्थानों पर मौजूद पुराने पेड़ों को भी सूचीबद्ध किया गया है। सरकार का मानना है कि इन वृक्षों से स्थानीय लोगों का भावनात्मक जुड़ाव उन्हें संरक्षण अभियान का सक्रिय भागीदार बना सकता है।











