Explainer : क्या हैं SHE-Marts ? कैसे बढ़ेगी ग्रामीण महिलाओं की आय !

By: नौशाबा अंजुम

On: Friday, February 6, 2026 9:00 AM

Explainer : क्या हैं SHE-Marts ? कैसे बढ़ेगी ग्रामीण महिलाओं की आय !
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भारत में महिला उद्यमिता (Women Entrepreneurs) को लेकर अक्सर बड़े – बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बजट 2026 में पहली बार वादे की जगह ठोस कदम उठाया गया। जिसका सीधा असर महिलाओं की आय और बाजार तक पहुंच को मजबूत कर सकता है। वित्त मंत्री ने इस बार के आम बजट में ‘SHE-Marts’ (She Self Help Enterprise Marts) की घोषणा की है, जो महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल मार्केट के रूप में विकसित किए जाएंगे।

सरकार का लक्ष्य है, महिलाओं को बिचौलियों के मकड़ जाल से निकालकर सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना, ताकि उन्हें अपने उत्पाद का सही मूल्य और आय मिल सके।

क्या हैं SHE-Marts और कैसे करेंगे काम

SHE-Marts को स्थानीय स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किया जाएगा। यह पारंपरिक हाट या मेलों से अलग स्थायी बाजार ढांचा होगा, जहां महिलाओं को नियमित बिक्री यानी अपने सामान को सही मूल्य पर  बेचने का अवसर मिलेगा।

योजना के तहत

  • स्थानीय SHG समूह बाजार के मालिक और प्रबंधक होंगे
  • उत्पादों की सीधे खुदरा बिक्री होगी, बिचौलियों की भूमिका खत्म
  • ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता
  • कार्यशील पूंजी और आसान वित्तीय सहायता
  • बड़े शहरों और कस्बों तक बाजार विस्तार

सरकार का मानना है कि इससे छोटे घरेलू व्यवसायों को ‘माइक्रो’ से ‘स्केल-अप’ बिजनेस में बदलने में मदद मिलेगी।

‘SHE-Marts’ (She Self Help Enterprise Marts)

किन महिलाओं को होगा सबसे ज्यादा फायदा

यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए बनाई गई है।

किन महिलाओं को मिलेगा फायदा ?

  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी महिलाएं
  • ‘लखपति दीदी’ मिशन के अंतर्गत 1 लाख रुपये वार्षिक आय लक्ष्य वाली महिलाएं
  • हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, पापड़-अचार, सिलाई, छोटे घरेलू उत्पाद बनाने वाली ग्रामीण महिलाएं

जानकारों की मानें तो सरकार की यह योजना सही तरीके से लागू हुई, तो लाखों महिलाओं की आय दोगुनी हो सकती है। यह योजना महिला सशक्तिकरण को ‘सब्सिडी’ से ‘सस्टेनेबल बिजनेस’ (Sustainable business) की दिशा में ले जाने का सार्थक प्रयास है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर ?

SHE-Marts सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। स्थानीय उत्पादन को स्थानीय बाजार मिलने से रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय ब्रांड विकसित होंगे, गांवों से शहरों की ओर पलायन कम होगा, ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती मिलेगी।

क्या SHE-Marts देशभर में खुलेगा ?

हां, लेकिन सरकार ने शुरुआती चरण में कुछ राज्यों और जिलों में SHE-Marts को पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कही है। यदि सबकुछ ठीक रहता है तो SHE-Marts को देशभर के शहरों और कस्बों में खोले जाएगा।

यदि SHE-Marts सफल होता है, तो यह भारत में महिला उद्यमिता (Women Entrepreneurs) के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

  • क्या आप चाहते हैं कि आपके शहर या जिले में भी SHE-Marts खुलें? अपनी राय हमारे साथ साझा करें।

नौशाबा अंजुम

नौशाबा अंजुम एक अनुभवी बिज़नेस और फाइनेंस जर्नलिस्ट हैं। उन्हें पर्सनल फाइनेंस, निवेश, स्टार्टअप और आर्थिक नीतियों पर लिखने का गहरा अनुभव है। उनकी लेखनी सरल, तथ्यात्मक और पाठकों को सही वित्तीय निर्णय लेने में मदद करने वाली होती है।
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