केंद्रीय बजट 2026-27 में सिंगरौली जैसे ऊर्जा-आधारित जिले के लिए कई विकासात्मक प्रावधान शामिल किये गए हैं। मध्य प्रदेश को केंद्र द्वारा आवंटित केंद्रीय करों की हिस्सेदारी ₹1,12,133.93 करोड़ रखी गई है, हालाँकि यह वृद्धि पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत कम है, जिससे राज्य और जिले के लिए उपलब्ध धन पर सीधा असर पड़ेगा।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्र को फायदा
बजट में सिंचाई परियोजनाओं, सड़क कनेक्टिविटी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए योजनाओं पर खर्च बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। इससे सिंगरौली जैसे ग्रामीण-औद्योगिक जिले में कृषि क्षेत्र की उत्पादन क्षमता और बाजार से जुड़ाव मजबूत होने की संभावना है।
ऊर्जा और उद्योग क्षेत्र में संभावित ढांचे
सिंगरौली को “Energy Capital of India” कहा जाता है क्योंकि यह कोयला भंडार और पावर प्लांट्स का बड़ा केंद्र है। बजट में ऊर्जा सुधार और बिजली वितरण कार्यक्रमों के लिए संसाधन आवंटित करने की घोषणा से स्थानीय ऊर्जा परियोजनाओं को नई गति मिल सकती है। इसके साथ ही शहरी सेवाओं और MSME सशक्तिकरण के लिए बजट प्रावधान से उद्योग जगत में निवेश और रोजगार की अपील बढ़ सकती है।
सड़क, शहरी और शिक्षा सुधार योजनाओं का असर
केंद्रीय बजट में सड़क नेटवर्क, शहरी सेवाओं और शिक्षा केन्द्रों में विकास पर भी संसाधन दिए गए हैं। इससे सिंगरौली जिले के कनेक्टिविटी सुधार के साथ साथ युवाओं के कौशल और रोजगार अवसरों में भी सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
आंकड़ों से संभावित चुनौतियाँ
हालांकि बजट में प्रावधान बढ़े हैं, केंद्रीय करों में छूट या राजस्व हस्तांतरण के हिस्से में कमी राज्य स्तर पर वित्तीय दबाव पैदा कर सकती है। यह सिंगरौली जैसे विकास-आधारित जिलों में योजनाओं की गति और निवेश फैसलों पर प्रभाव डाल सकती है।











