फरवरी की शुरुआत होते ही आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय बजट 2026 पेश होने से पहले ही तेल विपणन कंपनियों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इससे घरेलू रसोई का बजट एक बार फिर गड़बड़ा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 1 फरवरी 2026 से घरेलू और व्यावसायिक LPG सिलेंडरों के दामों में संशोधन किया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब आम लोग पहले से ही महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रहे हैं।
कितनी बढ़ी LPG की कीमत?
नई दरों के अनुसार
- घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत में ₹20 से ₹30 तक की बढ़ोतरी
- कमर्शियल सिलेंडर पर भी ₹60 तक की वृद्धि
- अलग-अलग शहरों में कीमतें टैक्स और ट्रांसपोर्ट लागत के अनुसार अलग हैं
- तेल कंपनियों की वेबसाइट पर अपडेटेड रेट जारी कर दिए गए हैं।
आम जनता पर सीधा असर
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर
- मध्यम वर्गीय परिवारों
- दिहाड़ी मजदूरों
- छोटे होटल और ढाबा संचालकों पर पड़ने वाला है।
रसोई गैस महंगी होने से खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बजट 2026 से पहले क्यों बढ़ी कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार LPG की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण हैं
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
- सब्सिडी पर सरकार का बढ़ता बोझ
- बजट से पहले वित्तीय संतुलन बनाने की कोशिश
हालांकि सरकार की ओर से अभी सब्सिडी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
आगे सस्ता होगा या और महंगा?
आर्थिक जानकारों का मानना है कि बजट 2026 में LPG सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यदि सरकार राहत पैकेज लाती है तो आम जनता को कुछ राहत मिल सकती है, अन्यथा महंगाई और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।











