सिंगरौली। क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान (आरएलआई) विंध्याचल द्वारा 19 एवं 20 जनवरी 2026 को “नई श्रम संहिताएँ” विषय पर अर्द्ध-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चारों समेकित श्रम संहिताओं और उनके कार्यस्थल पर प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। प्रशिक्षण चार बैचों में आयोजित हुआ, जिसमें विंध्याचल, सिंगरौली एवं रिहंद से आए कर्मचारी, एसएमसी सदस्य और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बदलते श्रम कानूनों को समझने और उन्हें व्यवहार में उतारने की दिशा में आरएलआई विंध्याचल ने एक सार्थक पहल की। 19 एवं 20 जनवरी 2026 को आयोजित “नई श्रम संहिताएँ” विषयक अर्द्ध-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को न सिर्फ कानूनों की जानकारी दी गई, बल्कि उनके व्यावहारिक प्रभावों पर भी खुलकर चर्चा हुई। चार बैचों में चले इस प्रशिक्षण में विंध्याचल, सिंगरौली और रिहंद की परियोजनाओं से आए कर्मचारी, एसएमसी सदस्य और कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नई श्रम संहिताएँ केवल नियम नहीं, बल्कि एक सुरक्षित, पारदर्शी और संतुलित कार्यस्थल की नींव हैं। मुख्य अतिथि एवं वक्ता श्री अमर नाथ वर्मा ने उदाहरणों के माध्यम से श्रम संहिताओं के लाभ बताए, वहीं परियोजना प्रमुख श्री संजीब कुमार साहा ने वैधानिक जागरूकता को संगठन की मजबूती का आधार बताया। महाप्रबंधक श्री ए. जे. राजकुमार ने कहा कि इन संहिताओं से प्रक्रियाओं में सरलता आई है और औद्योगिक संबंधों में स्पष्टता बढ़ी है। करीब 153 कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि एनटीपीसी में सुदृढ़ अनुपालन और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।











