सिंगरौली। कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति एवं नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका अनिवार्य एएनसी पंजीयन किया जाए, जिससे एनीमिया एवं हाईपरटेंशन जैसी समस्याओं का समय पर उपचार हो सके और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों की याद दिलाने का मंच बनी। कलेक्टर गौरव बैनल ने साफ शब्दों में कहा कि आकांक्षी जिले के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। बैठक में कलेक्टर ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका एएनसी पंजीयन अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनीमिया और हाईपरटेंशन जैसी समस्याओं का समय पर इलाज ही सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु की कुंजी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि कागज़ों का डेटा तभी मायने रखेगा जब ज़मीन पर उसका असर दिखे। प्रत्येक सेक्टर स्तर पर दर्ज आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग और जन-जागरूकता को भी उन्होंने जरूरी बताया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव पश्चात योजनाओं से वंचित महिलाओं का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराने और कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर उपचार देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।










