सिंगरौली। जिला प्रशासन सिंगरौली, स्वास्थ्य विभाग (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त सहयोग से तथा श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के सीएसआर समन्वय से “नन्हा सा दिल – जन्मजात हृदय रोग निवारण एवं उपचार कार्यक्रम” के अंतर्गत जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर, वैढ़न में बच्चों हेतु इकोकार्डियोग्राफी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 30 बच्चों की इकोकार्डियोग्राफी जांच की गई, जिनमें 11 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई। चिन्हित बच्चों का निःशुल्क हृदय ऑपरेशन श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के हैदराबाद, खारघर, पलवल एवं रायपुर स्थित अस्पतालों में किया जाएगा।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के बेहतर उपचार की दिशा में सिंगरौली जिले में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। “नन्हा सा दिल – जन्मजात हृदय रोग निवारण एवं उपचार कार्यक्रम” के अंतर्गत जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर, वैढ़न में बच्चों के लिए इकोकार्डियोग्राफी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग (आरबीएसके) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से तथा श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल और एनसीएल सिंगरौली के सीएसआर सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 30 बच्चों की हृदय जांच की गई। जांच के बाद 11 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिन्हें अब निःशुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा दी जाएगी। चिन्हित बच्चों का इलाज श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के हैदराबाद, खारघर, पलवल एवं रायपुर स्थित केंद्रों में किया जाएगा। उपचार से जुड़ी यात्रा, अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन, आवास एवं भोजन की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी, जिससे परिजनों को किसी भी प्रकार की आर्थिक चिंता नहीं होगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने शिविर का निरीक्षण करते हुए इसे जरूरतमंद बच्चों के लिए जीवनदायी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल बच्चों को नया जीवन देगा बल्कि उनके परिवारों में भी नई आशा का संचार करेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों एवं मेडिकल टीम के समन्वित प्रयास से आयोजित यह शिविर सिंगरौली जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।










