सिंगरौली। जयंत पुलिस की बड़ी “सफलता” के नाम पर एक और सवाल खड़ा हो गया है। 2 वर्ष पूर्व रोज गार्डन जयंत में हुई फायरिंग और हत्या के प्रयास की घटना में मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह फरार रहने में कामयाब रहा। घटना के समय पीड़ित और उसके मित्रों पर जानलेवा हमला हुआ, लेकिन पुलिस तुरंत आरोपी की तलाश में नाकाम रही।
जयंत थाना क्षेत्र में 2 वर्ष पहले रोज गार्डन में हुई फायरिंग और हत्या के प्रयास की घटना का मुख्य आरोपी दो साल तक फरार रहा। यह घटना खुद में गंभीर थी, लेकिन जयंत पुलिस की लगातार नाकामी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया। फरियादी प्रवीण कुमार और उसके मित्रों पर हमला करने वाला आरोपी अभिषेक सिंह, घटना के तुरंत बाद ही फरार हो गया। इसके बावजूद पुलिस ने दो साल तक आरोपी की गिरफ्तारी में नाकामी दिखाई। आरोपी ने इस दौरान अलग नाम और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पुलिस की जांच से बचाव किया, और स्थानीय प्रशासन लगातार इस मामले में सक्रिय दिखाई नहीं दिया। अंततः आरोपी की गिरफ्तारी बैंगलोर से की गई, जिसमें पुलिस को सायबर सेल और अन्य राज्यों की मदद लेनी पड़ी। इस लंबी देरी ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को भय में रखा बल्कि यह भी दिखाया कि जयंत पुलिस की फील्ड वर्क और तत्काल प्रतिक्रिया में गंभीर कमी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पुलिस समय रहते कदम उठाती, तो इतने लंबे समय तक आरोपी फरार नहीं रह सकता था। यह घटना न सिर्फ अपराधियों के हौसले को बढ़ावा देती है, बल्कि आम जनता के लिए सुरक्षा के बड़े खतरे की चेतावनी भी है।










