सिंगरौली। देश की ऊर्जा जरूरतों को निरंतर मजबूती देने के साथ-साथ एनटीपीसी विंध्याचल आज उत्कृष्ट प्रबंधन, नवाचार और सामाजिक सरोकारों का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। बिज़नेस एक्सीलेंस आकलन 2024–25 के शुभारंभ के साथ ही विंध्याचल ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य की टिकाऊ ऊर्जा और मानव-केंद्रित विकास की दिशा में अग्रसर है।
परियोजना प्रमुखों के मार्गदर्शन में विंध्याचल स्टेशन ने न केवल परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार किया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में भी उल्लेखनीय पहल की है। विशेष रूप से कार्बन-टू-मेथनॉल (CTM) जैसी अभिनव परियोजना एनटीपीसी को हरित ऊर्जा समाधान के क्षेत्र में अग्रणी बना रही है। कर्मचारियों के कल्याण, सुरक्षित कार्य संस्कृति और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं बालिका सशक्तिकरण अभियान, संविदा श्रमिकों के लिए ‘श्रम की रोशनी’, तथा शिक्षा-स्वास्थ्य आधारित सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। एनटीपीसी विंध्याचल आज केवल एक विद्युत उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि विश्वसनीय ऊर्जा, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार विकास का मजबूत स्तंभ बन चुका है। यह परियोजना साबित कर रही है कि जब तकनीक, टीमवर्क और सामाजिक सरोकार एक साथ चलते हैं, तब प्रगति का लाभ पूरे समाज तक पहुँचता है।










