सिंगरौली। एनटीपीसी-विंध्याचल परियोजना ने एक बार फिर यह साबित किया कि यह केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, सम्मान और संस्कारों की मजबूत मिसाल भी है। दीर्घकाल तक निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा देने वाले 06 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर परियोजना प्रबंधन द्वारा उन्हें भावपूर्ण एवं गरिमामयी विदाई दी गई।
एनटीपीसी-विंध्याचल में यह सिर्फ एक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समर्पण, अपनापन और कृतज्ञता का उत्सव था। दशकों तक परियोजना की धड़कन बनकर काम करने वाले 06 कर्मचारियों को ऐसी विदाई दी गई, जो आंखों में नमी और दिल में गर्व छोड़ गई। सुबह की शुरुआत फाइलों से नहीं, बल्कि वृक्षारोपण से हुई—एक ऐसा संदेश कि जिन्होंने संस्थान को सींचा, वे आज भविष्य के लिए पौधे लगा गए। इसके बाद उमंग भवन में हर तालियों की गूंज, हर मुस्कान यह कह रही थी कि यहां कर्मचारी नहीं, परिवार के सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
परियोजना प्रमुख श्री संजीब कुमार साहा ने कहा—“एनटीपीसी की ईंट-ईंट में आपके पसीने की खुशबू है।”वहीं प्रबंधन ने यह भी जताया कि सेवानिवृत्ति एक पड़ाव है, रिश्तों का अंत नहीं।










