रविवार, 17 अगस्त 2025 को, दिल्ली का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा तड़के ही चहल-पहल से भर गया था। हवा उत्साह और गर्व से गर्म थी। दरअसल, भारत एक नायक का इंतज़ार कर रहा था। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, वह अंतरिक्ष यात्री जिसने Axiom-4 मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करके देश को गौरवान्वित किया था, आज भारत अपने घर लौट। उनके सवागत के लिए यूनियन मिनिस्टर जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन स्वयं एयरपोर्ट पर मौजूद थे ।
मिशन की तैयारी और गौरवपूर्ण वापसी
जून के अंत में शुरू हुए इस 18-दिवसीय अभियान में उन्होंने अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्षयात्रियों के साथ मिलकर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग और 20 से ज्यादा जागरूकता सत्र पूरे किए। इस टीमवर्क ने न सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान को, बल्कि भारत की विश्व में एक प्रौद्योगिकीय शक्ति के रूप में स्थिति को भी मज़बूत किया।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ उनके बैकअप एस्ट्रोनॉट, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर भी स्वदेश लौटे। दोनों अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर देश के सर्वोच्च नेतृत्व को अपनी उपलब्धियों से अवगत कराएंगे। इसके पश्चात, शुभांशु अपने पैतृक नगर लखनऊ जाएंगे और फिर 22-23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे समारोह में दिल्ली लौटेंगे।
व्यक्तिगत भावनाएं और प्रेरणादायक संदेश
अंतरिक्ष से लौटते समय शुभांशु ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अमेरिका छोड़ने से दिल में भावनाओं का ज्वार है, लेकिन भारत लौटकर अपने लोगों से रु-ब-रु होने की खुशी भी बराबर है। जैसे मेरी कमांडर पैगी व्हिटसन कहती हैं,स्पेसफ्लाइट में केवल परिवर्तन स्थायी है; जीवन में भी वही सच है।” शुभांशु ने बॉलीवुड फिल्म ‘स्वदेस’ के गीत ‘यूं ही चला चल राही’ की भी याद ताजा की जो इस यात्रा के दौरान उनका प्रेरणास्रोत रहा।
भारत के लिए नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी ने भी 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शुभांशु के मिशन पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारा गगनयान अब अपना रास्ता तय कर रहा है और स्पेस स्टेशन के अनुभव भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक नई दिशा देंगे।” ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने भी स्पष्ट किया कि ISS पर शुभांशु द्वारा किए गए प्रयोग गगनयान मिशन की तैयारी के लिए अनमोल साबित होंगे।











